एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश एटीएस ने फर्जी भारतीय दस्तावेज और आधार कार्ड तैयार कराने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ लगातार अभियान चलाते हुए सहारनपुर से गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अक्षय सैनी और तालिब अंसारी के रूप में हुई है। इनके पास से भारी मात्रा में लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, जन्म व निवास प्रमाण पत्र और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
कई पाकिस्तानियों के बनाए फर्जी आधार कार्ड
एटीएस के अनुसार, गिरोह जनसेवा केंद्र और अधिकृत संस्थानों की आड़ में वीपीएन व रिमोट सिस्टम का इस्तेमाल कर अवैध रूप से फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था। इन दस्तावेजों का उपयोग बांग्लादेशी, रोहिंग्या, पाकिस्तानी और नेपाली नागरिक न केवल पासपोर्ट बनवाने में कर रहे थे, बल्कि सरकारी योजनाओं का भी अनुचित लाभ उठा रहे थे।एटीएस की जांच में सामने आया कि गिरोह पहले फर्जी जन्म और निवास प्रमाण पत्र जैसे मूल दस्तावेज तैयार कराता था, उसके बाद आधार कार्ड बनवाकर उसमें गलत संशोधन भी करता था। इन्हीं आधार कार्डों के सहारे विदेशी नागरिक भारतीय पहचान हासिल कर लेते थे।
इससे पहले आठ को भेजा जा चुका है जेल
इससे पहले 21 अगस्त को एटीएस ने इस नेटवर्क से जुड़े आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुल 10 अभियुक्त सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी न्यायालय में दी जाएगी, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में और जानकारी हासिल की जा सके। पूछताछ के दौरान पता चला कि इनके द्वारा कई पाकिस्तानियों के भी फर्जी आधार कार्ड बनाएं गए है।
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