PHOTOमेरठ में एसटीएफ का बड़ा खुलासा, फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह पकड़ा –

एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट में अवैध रूप से अंक बढ़ाकर छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिलाने और यूपी ओपन स्कूल बोर्ड से फर्जी बैक डेट की मार्कशीट बनवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इनके द्वारा यह खेल कई सालों से किया जा रहा था, अब जाकर पकड़ में आए।

भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज भी इनके पास से बरामद

एसटीएफ ने गैंग के सरगना समेत तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, स्कूलों की मोहरें, कंप्यूटर और प्रिंटर बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम जितेन्द्र पुत्र साधू सिंह, निवासी पाण्डव नगर, थाना सिविल लाइन, मेरठ, शिवकुमार पुत्र राकेश कुमार, निवासी जागृति बिहार, थाना मेडिकल, मेरठ, निखिल तोमर पुत्र बादाम सिंह, निवासी आशानगर, थाना मेडिकल, मेरठ है।

प्रति छात्र से मार्कशीट का दस हजार और टीसी का तीन हजार लेते थे चार्ज

गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक कंप्यूटर सीपीयू, एक प्रिंटर, एक एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, 10 स्कूलों की मोहरें, 25 हाईस्कूल और 49 इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट, यूपी राज्य मुक्त विद्यालय परिषद की दो मार्कशीट, दो फर्जी टीसी, एक सनद और एक कार (यूपी-14 एफएफ-8044) बरामद की गई।पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की असली मार्कशीट में कंप्यूटर के जरिए अंक बढ़ाकर नई फर्जी मार्कशीट तैयार करता था। इसके लिए प्रति छात्र 10 हजार रुपये वसूले जाते थे। वहीं, फर्जी टीसी बनाने के लिए 3 हजार रुपये चार्ज किए जाते थे।

बिना परीक्षा दिए ही बैक डेट की मार्कशीट तैयार कराई जाती थी

इसके अलावा, यूपी राज्य मुक्त विद्यालय परिषद से बिना परीक्षा दिए ही बैक डेट की मार्कशीट तैयार कराई जाती थी। इस काम के लिए आरोपी लखनऊ में बैठे अपने साथी को छात्रों का आधार कार्ड और फोटो भेजते थे। 10–15 दिन में मार्कशीट पोर्टल पर चढ़ाकर कोरियर से भेजी जाती थी। इसके लिए छात्रों से 10–15 हजार रुपये वसूले जाते और लखनऊ के साथी को प्रति मार्कशीट 5 हजार रुपये दिए जाते थे।

पिछले दस सालों से हो रहा था यह फर्जीवाड़ा

गैंग पिछले 10 वर्षों से यह काम कर रहा था।एसटीएफ मेरठ की टीम ने मुखबिर की सूचना पर 11 अगस्त की रात गंगानगर स्थित मकान पर छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ थाना गंगानगर में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इसमें हैरान करने वाली बात यह है कि इन सालों में इनके द्वारा न जाने कितने फर्जी मार्कशीट व टीसी बना दी गई है। जिसे लेकर बड़ी संख्या में लोग नौकरी पेशा भी कर रहे होंगे। इसकी भी जांच की जाए तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।

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