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एएसपी की पत्नी की आत्महत्या से उठे गंभीर सवाल, मायके पक्ष ने लगाया चौंकाने वाला आरोप

एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी लखनऊ की पुलिस लाइन में बुधवार शाम एक ऐसा मंजर सामने आया, जिसने न केवल पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया, बल्कि एक परिवार की खुशहाल तस्वीर को भी हमेशा के लिए तोड़ दिया। सीबीसीआईडी में तैनात एएसपी मुकेश प्रताप सिंह की पत्नी नितेश सिंह ने ट्रांजिट हॉस्टल के अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।

38 वर्षीय नितेश न केवल एक पुलिस अधिकारी की पत्नी थीं, बल्कि वह एक पूर्व विधायक की बेटी और तीन बच्चों की मां भी थीं। यह आत्महत्या एक साधारण पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि एक गहराई से भरा मामला बनकर उभरा है, जिसमें मायके पक्ष ने गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है।

यह पूरी घटना बुधवार की शाम करीब चार बजे की

जानकारी के लिए बता दें कि घटना बुधवार शाम करीब चार बजे की है। लखनऊ पुलिस लाइन स्थित ट्रांजिट हॉस्टल में नितेश अपने पति एएसपी मुकेश प्रताप सिंह और बच्चों के साथ रहती थीं। उस वक्त एएसपी अपने ऑफिस में थे और घर पर उनकी 12 वर्षीय बेटी अनन्या मौजूद थी।

अनन्या जब पढ़ाई के बाद कमरे से बाहर निकली तो उसने अपनी मां को पंखे से लटका देखा। उसकी चीख निकल पड़ी। उसने तत्काल अपने पिता को फोन किया और फिर पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। डीसीपी उत्तरी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने पुष्टि की कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है।

सीसीटीवी में कैद हुई आखिरी सांसें,मायके पक्ष ने लगाया गंभीर आरोप

पुलिस के मुताबिक नितेश के आत्महत्या की पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। कैमरे में नितेश द्वारा खुद को फांसी लगाते हुए देखा गया है। इससे पुलिस को मामले में तकनीकी प्रमाण मिले हैं, लेकिन इससे विवाद थमा नहीं है। मायके पक्ष का कहना है कि ये कैमरे भी एएसपी की “साजिश” का हिस्सा हैं।

नितेश सिंह के भाई और फिरोजाबाद के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद कुमार के अनुसार उनकी बहन को शादी के बाद से ही लगातार मानसिक और भावनात्मक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। एएसपी मुकेश की एक महिला से नजदीकी रिश्ते थे और इसी वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। आरोप लगाया गया कि इसी कारण नितेश सात महीने से मायके में रह रही थीं।

आत्महत्या कोई तात्कालिक निर्णय नहीं थी बल्कि इसके पीछे साजिश थी

पुलिस ने बताया कि प्रमोद के अनुसार एएसपी ने घर में जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे लगवाए ताकि पत्नी को हर वक्त निगरानी में रखा जा सके और खुद को निर्दोष साबित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आत्महत्या कोई तात्कालिक निर्णय नहीं थी, बल्कि इसके पीछे गहरा मानसिक उत्पीड़न और साजिश थी। मृतका के भाई प्रमोद ने मीडिया को बताया कि नितेश मानसिक रूप से बेहद तनाव में थी और उसका एक बेटा अनिकेत ऑटिज्म से पीड़ित है।

पति अक्सर इसी बात को लेकर ताना मारते थे, यहां तक कि कहते थे तू पागल है, तेरा बेटा पागल है। एक बार तो ऐसा भी हुआ कि तनाव में आकर नितेश ने अपने बेटे को मारने की कोशिश की, जिसका वीडियो खुद एएसपी ने बनाकर नितेश के मायके वालों को भेजा था। इसी घटना को आधार बनाकर, नितेश को मानसिक रोगी साबित करने की कोशिश की जा रही है ऐसा आरोप प्रमोद ने लगाया।

पूर्व विधायक पिता की भावुक प्रतिक्रिया

नितेश के पिता राकेश बाबू, जो फिरोजाबाद के नगला करन सिंह सीट से 2007 से 2017 तक बसपा विधायक रहे हैं, ने इस पूरी घटना पर गहरा दुख और आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को ही बेटी से झगड़ा हुआ था और उसने फोन पर मारपीट की बात बताई थी।

वे बुधवार को लखनऊ आने ही वाले थे कि पोती अनन्या का फोन आया और उनकी दुनिया उजड़ गई।राकेश बाबू ने दावा किया कि उनकी बेटी की शादी नवंबर 2012 में मुकेश प्रताप सिंह से हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही बेटी को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्होंने साफ आरोप लगाया कि दामाद के अन्य महिलाओं से भी अवैध संबंध हैं। कॉल डिटेल और वॉट्सऐप चैट की जांच की में इसके सबूत मिल जाएंगे।

एएसपी के भाई ने नितेश के ऊपर लगाया आरोप

वहीं एएसपी मुकेश प्रताप के भाई अभिनव चंद्रा, जो हमीरपुर में तहसीलदार हैं, ने नितेश को लेकर एक बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि नितेश 2012 से ही मानसिक रूप से बीमार थीं और उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार को नितेश ने ऑटिज्म पीड़ित बेटे को तकिया से मुंह दबाकर मारने की कोशिश की थी, जिसका वीडियो भी है।

तीन साल पहले भी दाेनों के बीच काफी विवाद हुआ था

इसी वजह से बेटे को इटावा भेजा गया था और इसी से नितेश विचलित थीं। वहीं मृतका के परिजनों का आरोप है कि यह यह कोई पहली बार नहीं था जब मुकेश और नितेश के रिश्तों में तनाव आया हो, तीन साल पहले भी दाेनों के बीच काफी विवाद हुआ था। मामला तलाक देने तक पहुंच गया था लेकिन बाद में दोनों के परिजनों की मध्यस्थता से मामला निपट गया था। हाल ही में मुकेश ने यह कहकर नितेश को लखनऊ बुलाया था कि यह उनका अंतिम मौका है।

खुदकुशी करने के सही कारणों की पड़ताल में जुटीं पुलिस

घटना के बाद मौके पर पहुंचे एडीसीपी ममता रानी ने बताया कि नितेश डिप्रेशन में थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। आत्महत्या के सही कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी सबूतों की प्रतीक्षा की जा रही है। इस घटना की जानकारी खुद एएसपी मुकेश ने पुलिस को दी थी। जांच में पता चला है कि नितेश ने कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या की ।

सीसीटीवी फुटेज में वह खुदकुशी करते हुए नजर आ रही

सीसीटीवी फुटेज में वह खुदकुशी करते हुए नजर आ रही है। वहीं घटना स्थल पर डीसीपी मध्य आशीष कुमार श्रीवास्तव के अलावा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था बबलू कुमार भी पहुंचकर छानबीन की और रात में ही डीएम से अनुमति लेकर शव का पोस्टमार्टम कराया। एएसपी मुकेश प्रताप सिंह मूल रूप से इटावा के रहने वाले है और अभी दो महीने पहले बरेली से ट्रांसफर होकर लखनऊ आए थे। यहां आने के बाद उन्होंने अपने परिवार को भी लखनऊ में शिफ्ट कर लिया था।

इन सवाालों के जवाब अभी हैं बाकी

-क्या यह आत्महत्या मानसिक बीमारी की वजह से थी या एक सोची-समझी प्रताड़ना का नतीजा?

-अगर सीसीटीवी फुटेज है, तो क्या उसमें कुछ और भी संदिग्ध घटनाएं कैद हैं?

-पति द्वारा पत्नी को “पागल” कहने और बेटे को लेकर की गई टिप्पणियों की कानूनी स्थिति क्या है?

-मानसिक रूप से बीमार होने के बावजूद, नितेश पर कैमरे लगाए जाना क्या मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है?

-अगर आरोप सही हैं तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में मुकेश प्रताप सिंह के खिलाफ क्या विभागीय कार्रवाई होगी?

पारिवारिक तनाव से आत्महत्या तक का घटनाक्रम

2012: नितेश और मुकेश की शादी

2012-2022: आरोप के अनुसार मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला

2023 के अंत में नितेश मायके चली गईं

जुलाई 2025: एक सप्ताह पहले लखनऊ आईं

30 जुलाई 2025: तनाव बढ़ने पर आत्महत्या

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