एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।पूर्वी जोन क्राइम टीम और गोमतीनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए निवेश के नाम पर लोगों से पैसा हड़पने वाले एक शातिर गैंग का भंडाफोड़ किया है। आरोपी खुद को फर्जी SOG टीम सदस्य बताकर आम लोगों से धोखाधड़ी करते थे। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी करेंसी, नकद रकम और अवैध तमंचा बरामद किया है।

30 बंडल “चिल्ड्रन बैंक” के 500-500 के नकली नोट बरामद

गिरफ्तार अभियुक्तों में लखनऊ, संत कबीर नगर, महाराजगंज और बिहार के निवासी शामिल हैं। इनके पास से 30 बंडल “चिल्ड्रन बैंक” के 500-500 के नकली नोट, 8 बंडल जिनमें ऊपर असली नोट और अंदर फर्जी नोट थे, 30,000 रुपये असली नकद, एक देसी तमंचा और जिंदा कारतूस, और फर्जी पुलिस आईडी कार्ड बरामद किए गए।

ये खुद को पुलिस का अधिकारी बताकर जीतते थे भरोसा

डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त का नाम विशाल कुमार (लखनऊ), रामबहादुर (संत कबीर नगर), रामप्रसाद (महाराजगंज), अंजनी कुमार (समस्तीपुर, बिहार) है। पुलिस का कहना है कि इन अपराधियों का नेटवर्क और अन्य आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। इस गिरोह की कार्यशैली बेहद शातिराना थी और ये खुद को पुलिस अधिकारी बताकर भरोसा जीतते थे।

इन अभियुक्तों के खिलाफ 16 को आइसक्रीम विक्रेता ने दर्ज कराई थी शिकायत

डीसीपी ने बताया कि 16 जुलाई को आइसक्रीम का ठेला लगाने वाले राजकुमार ने इनके खिलाफ सूचना गोमतीनगर को दी गई थी। इनके द्वारा बताया गया था कि इनका कुछ दिन पहले कुछ लोगों से संपर्क हुआ था, जिन्होंने पैसा डबल करने के लिए एक निवेश स्कीम बताया था। अभियुक्तों द्वारा बताया कि था कि अगर निवेश के लिए पैसा डालेंगे तो कुछ दिन में वह पैसा डबल कर दिया जाएगा। साथ ही वह पैसा किश्तों में मिलता रहेगा। इसी क्रम में राजकुमार द्वारा कुछ पैसा अभियुक्तों को दिया गया था। जब दूसरी बार जब अभियुक्त मिलने आये तो जो पैसा डबल करना था उसे देने और निवेश के लिए कुछ और पैसा लेने आये थे।

तीन टीमें इनकी तलाश में लगी हुई थी

गिरोह ने बड़े षडयंत तरीके से काम कर रहा था। रिर्टन का पूरा पैसा जहां रखे थे वह पूरा नकली नोट था, बस उसके ऊपर बस एक -एक नोट पांच सौ के असली थे। जब पैसा रिर्टन करने पहुंचे तो इनके बाकी साथ खुद को एसओजी पुलिस बताकर मौके पर पहुंचे और अपने ही साथियों को तथा कठित गिरफ्तार कर जो भी उनके पास माल होता है उसे अपने कब्जे में ले लेते है। इसके बाद वहां से फरार हो जाते है। पुलिस को यह सूचना मिलने पर तीन टीमें गठित की गई थी, जो इनकी तलाश जुटीं थी, इसी क्रम में आज चार लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

पहले इसी तरह के प्रकरण में जेल जा चुका है अंजनी कुमार

अभियुक्त अंजनी इसी प्रकार के प्रकरण में इसी साल अयोध्या से जेल जा चुका है। पूछताछ में बताया कि ये लोग निवेश के लिए भोले भाले लोगों को पकड़ते है। फिर उनसे पैसा लेते है,इसके बाद फर्जी एसओजी बनकर पुलिस बताते हुए वह पैसा हड़प लेते है। इनके द्वारा कितनी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, इसके बारे में पता किया जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली टीम को दस हजार को पुरस्कार दिया जाता है।

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