एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ।उत्तर प्रदेश आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW की जून 2025 के कार्य प्रदर्शन की मासिक समीक्षा बैठक शुक्रवार को लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में सम्पन्न हुई। इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक EOW नीरा रावत ने की। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों पर नकेल कसने के लिए कार्य में तत्परता, पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि दोषियों को न्यायालय से सजा मिले और जनता में ईओडब्लू की सख्त छवि बनी रहे।

सभी 7 सेक्टरों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई

बैठक के दौरान ईओडब्लू के सभी 7 सेक्टरों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई और प्राप्त लक्ष्यों की पूर्ति के आधार पर अधिकारियों व कर्मियों की जवाबदेही तय की गई।इस अवसर पर जिन अधिकारियों ने लक्ष्य के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन किया, उन्हें सम्मानित किया गया, जबकि जिनकी कार्यप्रणाली में लापरवाही या शिथिलता पाई गई, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

सर्वश्रेष्ठ विवेचक और सर्वश्रेष्ठ सेक्टर को मिला पुरस्कार

जून माह के कार्य निष्पादन के आधार पर विशेष प्रकोष्ठ सेक्टर को “सर्वश्रेष्ठ सेक्टर” के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही निरीक्षक प्रवीण सिंह को उनके बेहतरीन विवेचनात्मक कार्य के लिए “सर्वश्रेष्ठ विवेचक” घोषित करते हुए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी केस इन्वेस्टिगेशन, समयबद्ध चार्जशीटिंग और अदालती ट्रायल की प्रभावी निगरानी के आधार पर प्रदान किया गया।

लापरवाही पर निलंबन, DG ने दिए सख्त निर्देश

पुलिस महानिदेशक ईओडब्लू ने समीक्षा के दौरान वाराणसी सेक्टर में तैनात एक निरीक्षक की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही और उदासीनता पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि विवेचना में शिथिलता या अभियुक्तों को राहत देने वाली प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में DG नीरा रावत ने सभी सेक्टर प्रभारी दिये निर्देश

अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाई जाए।

ट्रायल केसों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से हो और अभियुक्तों को सजा दिलाने की दिशा में सशक्त पैरवी की जाए।

प्रत्येक विवेचना को Target Approach के तहत तय समयसीमा में पूर्ण किया जाए।

जिन मामलों में संगठित अपराध की परिभाषा लागू होती है, वहां उसी आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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