एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ।उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में पहली बार एक साथ 60,244 नव नियुक्त आरक्षियों का 9 माह का आधारभूत प्रशिक्षण शुरू हुआ है। इस महाअभियान की समीक्षा के लिए शुक्रवार को डीजीपी राजीव कृष्ण ने 112 प्रशिक्षण केंद्रों, जोनल एडीजी, आईजी/डीआईजी, पुलिस आयुक्तों और सेनानायकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठक की।
अभूतपूर्व प्रशिक्षण: भारत ही नहीं, दुनिया में पहली बार
बैठक की शुरुआत एडीजी प्रशिक्षण बीडी पाल्सन ने की, जबकि डीजी प्रशिक्षण तिलोत्तमा वर्मा ने इसे वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण पहली बार हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रशिक्षण केंद्र जारी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से अनुपालन करें।
तकनीकी दक्षता पर ज़ोर
प्रशिक्षुओं को पारंपरिक पुलिसिंग के साथ साइबर क्राइम, फॉरेंसिक, सर्विलांस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी दक्ष बनाया जाएगा। पाठ्यक्रम की सॉफ्ट और हार्ड कॉपी निशुल्क दी जाएगी। महिला प्रशिक्षुओं के लिए महिला स्टाफ की समुचित व्यवस्था की जा चुकी है।

प्रत्येक थाने को मिलेंगे 25 अतिरिक्त प्रशिक्षित आरक्षी
एडीजी पीएचक्यू आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए बजट उपलब्ध है और आवश्यकता पर और भी दिया जाएगा। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रदेश के प्रत्येक थाने को 25 अतिरिक्त प्रशिक्षित आरक्षी मिलेंगे, जो कानून-व्यवस्था को मजबूती देंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई नेतृत्व की जिम्मेदारी
डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि यह “Once in a Lifetime Opportunity” है, जिसे गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी अपने अनुभव साझा करें, स्वयं उदाहरण बनें और प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। कर्मयोगी पोर्टल पर आधारित स्किल मैपिंग से हर आरक्षी का डेटाबेस तैयार करने को भी कहा गया।
परेड, वर्दी और अनुशासन को लेकर स्पष्ट निर्देश
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे पुलिस लाइन की परेड में स्वयं मौजूद रहें, वर्दी, टर्नआउट और आचरण में अनुशासन दिखाएं और प्रशिक्षुओं को भी यही आदर्श दें। महिला प्रशिक्षण केंद्रों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार विशाखा समिति का गठन अनिवार्य किया गया है।
सोशल मीडिया नीति और पारदर्शिता पर बल
प्रत्येक प्रशिक्षु को सोशल मीडिया नीति की जानकारी दी जाएगी, वीडियो क्लिप्स भी दिखाए जाएंगे। डीजीपी ने कहा कि प्रशिक्षण के मानकों को इस प्रकार स्थापित किया जाए कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक Transformational Agent साबित हो।
समस्याओं के समाधान के निर्देश
बैठक के अंत में डीजीपी ने ज़ोनवार अधिकारियों से प्रशिक्षण में आ रही समस्याओं को जाना और संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक लॉजिस्टिक, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन, अपर पुलिस महानिदेशक स्थापना, अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवायें, अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिदेशक के जीएसओ सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
यह भी पढ़े : डीपफेक के खिलाफ श्रावस्ती पुलिस की मुहिम को लंदन में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
यह भी पढ़े : पांच साल की बच्ची से पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म करने का किया प्रयास, गिरफ्तार
यह भी पढ़े : एएनटीएफ ने चौबीस घंटे में 2.40 करोड़ की ड्रग्स बरामद, महिला तस्करों समेत पांच गिरफ्तार
