संजीव सिंह, बलिया। यूपी के चर्चित बलिया खाद्यान्न घोटाले में संलिप्त वांछित पूर्व ब्लाक प्रमुख मुन्ना सिंह उर्फ सुग्रीव सिंह को ईओडब्लू वाराणसी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। मुन्ना सिंह पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2004-05 के दौरान पंदह ब्लॉक में केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के अंतर्गत हुए विकास कार्यों में 61 लाख रुपये से अधिक का गबन किया। फर्जी मस्टर रोल और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से यह घोटाला अंजाम दिया गया। एफआईआर में IPC की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज है, और मामले में कुल 23 लोगों की संलिप्तता सामने आ चुकी है

पंदह ब्लाक का ब्लाक प्रमुख था

उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकता में शामिल बहुचर्चित बलिया खाद्यान्न घोटाले में वांछित चल रहे पूर्व ब्लाक प्रमुख मुन्ना सिंह उर्फ सुग्रीव सिंह को शनिवार को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) वाराणसी सेक्टर की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। वह बलिया जनपद के सरया गांव, थाना पकड़ी का निवासी है और वर्ष 2004-05 में पंदह ब्लाक का ब्लाक प्रमुख था।

जांच में सामने आया कि कार्य अधूरे और मानकों के विपरीत थे

प्रशांत कुमार, पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था), उत्तर प्रदेश के निर्देश पर इस घोटाले में शामिल अभियुक्तों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक EOW वाराणसी ने गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की थी।मुन्ना सिंह पर आरोप है कि सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत हुए कार्यों – जैसे मिट्टी भराई, नाली निर्माण, संपर्क मार्ग, सीसी रोड और पुलिया निर्माण – में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई। जांच में सामने आया कि कार्य अधूरे और मानकों के विपरीत थे।

मुन्ना सिंह लंबे समय से फरार था

EOW की विवेचना के अनुसार, मुन्ना सिंह ने सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर फर्जी मस्टर रोल और दस्तावेजों के आधार पर लगभग 61 लाख रुपये का गबन किया। खाद्यान्न का वितरण मजदूरों को न कर खुद लाभ उठाया गया।सिकंदरपुर थाने में इस मामले में मु.अ.सं. 46A/2006 के तहत IPC की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 218, 201, 120B, 34 में मुकदमा दर्ज है। जांच में अब तक 23 अभियुक्तों की संलिप्तता सामने आ चुकी है। मुन्ना सिंह लंबे समय से फरार था और अब गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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