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सोच में बदलाव की मिसाल बनी डिम्पल वर्मा की पहल, महिला कर्मियों को मिली राहत की सौगात

एसएमयूपीन्यूज,लखनऊउत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन (वामा सारथी) की अध्यक्षा डिम्पल वर्मा द्वारा लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित पुलिस मुख्यालय (सिग्नेचर बिल्डिंग) के चतुर्थ टॉवर के कैफेटेरिया प्रांगण में ‘शिशु वाटिका’ और ‘नारी विश्राम गृह’ का शुभारंभ किया गया।

महिला पुलिस कर्मियों की संख्या में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति के तहत प्रदेश में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। महिला कर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर यह विशेष पहल की गई है।

शिशु वाटिका अत्यंत सहायक सिद्ध होगी

डिम्पल वर्मा ने इस अवसर पर कहा, “महिला पुलिस कर्मियों को अपने कार्य के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना पड़ता है। विशेषकर वे महिलाएं जिनके छोटे बच्चे हैं और घर में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होता, उनके लिए शिशु वाटिका अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।”

पुलिस लाइनों में भी उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे विश्राम गृह और शिशु देखभाल केंद्र कार्यस्थल पर महिलाओं को मानसिक संतुलन और आत्मबल प्रदान करते हैं। यह प्रयास मिशन शक्ति जैसे अभियानों के मूल्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में सहायक बनेंगे।उत्तर प्रदेश पुलिस प्रमुख प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि इस तरह की सुविधाएं अब प्रदेश के सभी पुलिस कार्यालयों, थानों और पुलिस लाइनों में भी उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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यह पहल केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि सोच में बदलाव का प्रतीक : डिम्पल

डिम्पल वर्मा ने अपने संबोधन में कहा, “यह पहल केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि सोच में बदलाव का प्रतीक है। जब महिला पुलिसकर्मी सशक्त होंगी, तभी हमारी पूरी पुलिस व्यवस्था और अधिक मानवीय, प्रभावी और संवेदनशील बनेगी।”कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार, डीजी रेणुका मिश्रा, डीजी प्रशिक्षण तिलोत्मा वर्मा, एडीजी मुख्यालय आनंद स्वरूप, एडीजी 112 नीरा रावत, एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश, एडीजी/डीजी के जीएसओ एन. रविंदर, और एडीजी फायर सर्विस पद्मजा चौहान शामिल रहे।

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