लखनऊ । राजधानी में शुक्रवार का दिन आत्महत्याओं की दर्दनाक घटनाओं से भरा रहा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार लोगों ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मरने वालों में दो किशोर और दो युवक शामिल हैं। आत्महत्या के पीछे घरेलू विवाद, मानसिक तनाव और पारिवारिक डांट-फटकार जैसी वजहें सामने आ रही हैं। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पिता की डांट से नाराज होकर किशोर ने की आत्महत्या

हसनगंज थाना क्षेत्र के तकिया मुंशीगंज में 16 वर्षीय हमजा ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। हमजा के पिता जुनैद बढ़ई का काम करते हैं। परिजनों के अनुसार हमजा ने सात महीने पहले पढ़ाई छोड़ दी थी और मोबाइल में समय बिताता था। दो दिन पहले पिता ने उसका मोबाइल छीन लिया था। इसी बात से आहत होकर हमजा ने कमरे में दुपट्टे से फांसी लगा ली। मां नाजिया ने उसे लटका देखा तो परिजन उसे ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां शुक्रवार रात उसकी मौत हो गई।

एसी मैकेनिक का शव फांसी पर लटका मिला

पारा थाना क्षेत्र के हैदर कैनाल नाला, नई बस्ती निवासी 17 वर्षीय कृष्णा पेशे से एसी मैकेनिक था। शुक्रवार सुबह नाश्ता करने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद उसकी बहन कमरे में गई तो देखा कि कृष्णा दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका हुआ था। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। फिलहाल, आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है।

पत्नी से झगड़े के बाद युवक ने की आत्महत्या

मडियांव थाना क्षेत्र में रहने वाले 28 वर्षीय रिंकू ने शुक्रवार को पत्नी से विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। रिंकू फर्नीचर का काम करता था और सुबह किसी बात को लेकर पत्नी निशा से कहासुनी हो गई थी। पत्नी के घर से बाहर जाते ही रिंकू ने चादर से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जब पत्नी लौटी तो देखा कि रिंकू का शव फंदे से लटका हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मानसिक तनाव में चल रहे एथलीट ने भी लगाई फांसी

सरोजनीनगर के मीरानपुर पिनवट गांव में 24 वर्षीय पुष्पेंद्र नामक युवक ने गुरुवार की रात अपने कमरे में फांसी लगा ली। शुक्रवार सुबह जब परिजन दरवाजा नहीं खुला पाए तो तोड़कर अंदर गए। देखा कि पुष्पेंद्र का शव कमरे में खूंटी से लटका हुआ था। पुष्पेंद्र पहले एथलीट रहा है और बारहवीं तक पढ़ाई की थी। करीब दो साल से वह मानसिक तनाव से जूझ रहा था।

परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे

पुलिस ने चारों घटनाओं में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आत्महत्या की वजहों की गहन जांच की जा रही है। वहीं, मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह युवाओं को आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए समय रहते परामर्श और सहयोग ज़रूरी है।

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