लखनऊ । सरकार व पुलिस के तमाम प्रयास करने के बाद भी डिजिटल अरेस्ट के मामले नहीं थम रहे है। जबकि लगातार इसको लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी लोग साइबर ठग के चुंगल में अासानी से फंस जा रहे है और जब लुट कर पूरी तरह से बर्बाद हो जा रहे तब पुलिस के पास पहुंच रहे है।

कुछ एेसा ही मामला थाना इंदिरानगर में आया है। यहां की रहने वाली एक महिला प्रोफेसर ने साइबर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है कि साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अफसर बताकर उसे 22 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और उनसे 78.50 लाख रुपये ठग लिए।

सीबीआई अफसर बनकर महिला को किया काल

प्रोफेसर महिला ने बताया कि एक मार्च की सुबह उनके व्हाट्सएप पर अज्ञात नंबर से वीडियो काल आई थी। दूसरी तरफ दिख रहे शख्स ने खुद को सीबीआई अफसर बताया और कहा कि दिल्ली में उनके नाम से बैंक आफ बड़ौदा में खाता खुला है जिसमें कई लोग पैसे डाल रहे हैं। इस वजह से उनके खिलाफ मनी लांडिंग का मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रमिला ने बताया कि वह कभी दिल्ली नहीं गई हैं और न ही उनका खाता खुला है। इस पर आरोपी ने जांच का हवाला देते हुए प्रमिला के बैंक अकाउंट समेत अन्य जानकारी ले ली। साथ ही गोपनीय जांच की बात कहते हुए किसी को बताने से भी मना कर दिया।

जब महिला का खाता हो गया खाली तब जाकर साइबर ठगो ने छोड़ा

इस प्रकार से महिला साइबर ठगों के बहकावें में आ गयी। साइबर ठग जैसा कहते गए वह गिरफ्तारी से बचने के लिए वैसा करती गई। इस प्रकार से साइबर ठग एक मार्च से 22 मार्च के बीच तक महिला से 78.50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिया। जब महिला पूरी तरह से कंगाल हो गई तब साइबर ठगों ने छोड़ा और कहा कि जांच पूरी होने के बाद पूरी रकम वापास कर दिया जाएगा।

साइबर थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई मामले आ चुके है। जिनका पुलिस खुलासा कर चुकी है। इसमें भी मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी साइबर ठगी के शिकार हो जा रहे है।

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