लखनऊ /कानपुर। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और पछुआ हवाओं के चलने से उत्तर प्रदेश में इन दिनों शीतलहर जारी है। इस मौसम में मनुष्य ही नहीं जीव जंतु भी परेशान हैं। हालांकि यह मौसम रवी की फसल के लिए खासकर गेंहू की फसल को वरदान साबित हो रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा और 10 से 12 जनवरी तक मेघगर्जन-बारिश और ओले के आसार दिखाई दे रहे हैं। बुधवार की सुबह भी राजधानी लखनऊ में शीतलहर का कहर जारी रहा।

11 व 12 जनवरी को कई इलाकों में बारिश के आसार

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने मंगलवार को बताया कि 10 जनवरी तक उप्र के ज्यादातर इलाकों में सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से 11 व 12 जनवरी को कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी सम्भावना है। हालांकि 8 और 9 जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों में कहीं कहीं अगले तीन दिन पाला भी पड़ सकता है। मौसम में बदलाव इसलिए होगा कि एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहा है।

गेहूं की फसल को ठंड को माना जा रहा लाभकारी

यह मौसम प्रणाली उत्तर राजस्थान और उससे सटे पंजाब और हरियाणा में प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण को सक्रिय करेगी। इस प्रणाली के प्रभाव से उत्तर राजस्थान में सबसे पहले बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां शुरू होंगी। इसके बाद यह गतिविधियां उत्तर प्रदेश तक पहुंचेगी। ठंड के बीच हल्की बारिश से फसलों को फायदा होगा, खासकर गेंहू की फसल के लिए यह मौसम वरदान साबित होगा।वहीं दूसरी तरफ कड़ाके की ठंड के चलते पशु पक्षी के साथ-साथ जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है।

ओलावृष्टि से फसलों को खतरा

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों में ओलावृष्टि पड़ने की आशंका है। ओलावृष्टि सामान्य तौर पर होती है तो ज्यादा नुकसान की आंशका नहीं है। हां अगर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होती है तो खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है, विशेषकर जो फसलें विकास के चरण में हैं।

अभी पांच दिन तक कुछ ऐसा ही रहेगा मौसम

उन्होंने बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 13.6 और न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 91 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 90 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 5.1 किमी प्रति घंटा रही। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कानपुर व लखनऊ में आगामी पांच दिनों में प्रातःकाल के समय हल्के से मध्यम कोहरा, दिन के समय धुन्ध छाये रहने के कारण कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं, किन्तु वर्षा की कोई सम्भावना नहीं है।

घने कोहरे का दौर अगले तीन-चार दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगा

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में फिर से बदलाव के संकेत हैं। प्रदेश में ठिठुरन भरी ठंड और मध्यम से घने कोहरे का दौर अगले तीन-चार दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगा।वहीं शीतलहर के चलते ट्रेनों व फ्लाइटों का समय गड़बड़ा गया है।

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