लखनऊ। प्रदेश के बिजली विभाग में एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट तेज हो गई है। Uttar Pradesh Power Corporation Limited (यूपीपीसीएल) द्वारा विद्युत वितरण क्षेत्र के बाद अब ट्रांसमिशन सेक्टर में भी व्यापक रिस्ट्रक्चरिंग की तैयारी की जा रही है।Vidyut Karmchari Sanyukt Sangharsh Samiti ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर पद समाप्त किए जाएंगे, जिससे नियमित और संविदा कर्मचारियों की छंटनी की आशंका है।

कई मंडलों और खंडों के विलय की भी तैयारी

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान ट्रांसमिशन क्षेत्र में रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने के संकेत दिए हैं। पहले चरण में सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े करीब 150 पद समाप्त किए जाने की योजना है।इसके अलावा कई मंडलों और खंडों के विलय की भी तैयारी है। प्रस्ताव के तहत गोरखपुर और प्रयागराज मंडल को मिलाकर वाराणसी मंडल, जबकि मुरादाबाद और ग्रेटर नोएडा को मिलाकर मेरठ मंडल बनाए जाने की योजना है। अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के मर्जर प्रस्तावित हैं।

डेढ़ सौ से अधिक समाप्त किये जा सकते है पद

प्रस्तावित ढांचे में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर के पदों में बड़ी कटौती की बात सामने आई है। कुल मिलाकर पहले चरण में ही डेढ़ सौ से अधिक पद समाप्त किए जा सकते हैं।संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम है। उनका कहना है कि आगे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और अन्य विभागों में भी बड़े स्तर पर पद समाप्त किए जा सकते हैं, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।

तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा

कर्मचारी संगठनों का यह भी कहना है कि इस फैसले से बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, खासकर गर्मियों के दौरान जब मांग अधिक होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।इसी क्रम में 12 अप्रैल को Lucknow में संघर्ष समिति की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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