मुरादाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। लेकिन इस एनकाउंटर की कहानी सिर्फ मुठभेड़ तक सीमित नहीं है—इसके पीछे रंगदारी, धमकी, फायरिंग और एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की परतें छिपी हैं, जिनका खुलासा अब धीरे-धीरे हो रहा है।
5 करोड़ की रंगदारी से शुरू हुई कहानी
मामले की शुरुआत 12 मार्च की रात हुई, जब मुरादाबाद के निर्यातक अरशू ढल को एक अंजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आशु उर्फ मोंटी बताते हुए 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, कुछ ही दिनों बाद बदमाशों ने निर्यातक की फर्म पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश भी की।
इनामी बदमाश पर पुलिस की नजर
घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और आशु पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। कई टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया। मोंटी का नाम पहले से ही कई गंभीर अपराधों में शामिल था और उसके खिलाफ 36 मुकदमे दर्ज थे।
रंगदारी वसूलने पहुंचा, घात लगाकर बैठी थी पुलिस
बुधवार की रात मोंटी अपने साथी के साथ रंगदारी वसूलने मुरादाबाद पहुंचा था। पुलिस और एसटीएफ को इसकी भनक लग चुकी थी। सिविल लाइंस इलाके के इस्लाम नगर रोड पर पोस्टमार्टम हाउस के पास पुलिस ने दोनों को घेर लिया।
गोलियों की गूंज और अंत
जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में मोंटी को सीने में तीन गोलियां लगीं। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।गंभीर रूप से घायल मोंटी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले राज
अगले दिन दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार तीनों गोलियां मोंटी के सीने को चीरते हुए हार्ट और फेफड़ों को भेदकर पीठ से बाहर निकल गई थीं। अत्यधिक रक्तस्राव ही उसकी मौत की मुख्य वजह बना।
परिवार का बयान और पुलिस की सख्ती
घटना की सूचना मिलते ही मोंटी के परिजन मुरादाबाद पहुंचे। परिवार ने रंगदारी के आरोपों से अनभिज्ञता जताई, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।एनकाउंटर के बाद पुलिस ने निर्यातक और उसकी फर्म की सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
आठ महीने पहले हुई थी शादी, पत्नी सदमे में
इस एनकाउंटर की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, मोंटी के भाई और परिजन मुरादाबाद पहुंचे। परिवार के मुताबिक मोंटी तीन भाइयों में सबसे छोटा था और करीब आठ महीने पहले ही उसने रायबरेली की एक युवती से शादी की थी।पत्नी इस घटना के बाद गहरे सदमे में है। परिजनों का कहना है कि उन्हें उसके आपराधिक गतिविधियों की पूरी जानकारी नहीं थी। पत्नी ने भी पति की मौत पर गहरा दुख जताया और पूरे मामले को लेकर खुद को अनभिज्ञ बताया।
अपराध की दुनिया और परिवार की कीमत
मोंटी का नाम लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय था। उसके खिलाफ 36 मुकदमे दर्ज थे और वह कई संगीन मामलों में वांछित था। लेकिन इस एनकाउंटर ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराध की राह पर चलने का अंजाम सिर्फ अपराधी ही नहीं, बल्कि उसके परिवार को भी भुगतना पड़ता है।
बड़ा नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
जांच एजेंसियां अब मोंटी के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर रंगदारी और संगठित अपराध में सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी है और जल्द ही फरार साथी को भी पकड़ लिया जाएगा।
