लखनऊ । यूपी की राजधानी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर अभियुक्त जितेन्द्र कुमार अवस्थी की संपत्तियों को कुर्क कर दिया है।पुलिस के अनुसार, अभियुक्त द्वारा अपराध के माध्यम से अर्जित कुल ₹1,30,382 की चल संपत्ति को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के तहत राज्य के पक्ष में जब्त करने का आदेश 6 अप्रैल 2026 को पारित किया गया।
अभियुक्त ने वर्ष 2023 से अपराध की दुनिया में कदम रखा
जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने वर्ष 2023 से अपराध की दुनिया में कदम रखा और संगठित गिरोह का हिस्सा बनकर लूट जैसी वारदातों को अंजाम देने लगा। पुलिस ने गैंगचार्ट तैयार कर वजीरगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी विवेचना जारी है।विवेचना के दौरान अभियुक्त की जिन संपत्तियों की पहचान की गई, उनमें एक ई-रिक्शा (करीब ₹93,750), एक बाइक हीरो HF डीलक्स (करीब ₹35,000) और बैंक खाते में ₹1,632 की राशि शामिल है।पुलिस का कहना है कि अभियुक्त के पास इन संपत्तियों के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं मिला, जिसके चलते इन्हें अपराध से अर्जित मानते हुए कुर्क किया गया।
ब्रजेश सोनी की ₹1.07 लाख संपत्ति कुर्क
लखनऊ पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस क्रम में शातिर अभियुक्त ब्रजेश कुमार सोनी की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है।पुलिस के अनुसार, अभियुक्त द्वारा गैरकानूनी गतिविधियों से अर्जित कुल ₹1,07,226 की चल संपत्ति को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के तहत राज्य के पक्ष में जब्त करने का आदेश 6 अप्रैल 2026 को पारित किया गया।
इन संपत्तियों के लिए कोई वैध आय स्रोत नहीं मिला
जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने वर्ष 2024 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और संगठित गिरोह का सदस्य बनकर अवैध गतिविधियों में लिप्त हो गया। पुलिस ने गैंगचार्ट तैयार कर वजीरगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया, जिसकी विवेचना जारी है।विवेचना के दौरान अभियुक्त की संपत्तियों में एक होंडा एक्टिवा (करीब ₹55,000), स्टेट बैंक खाते में ₹46,485 और पंजाब नेशनल बैंक खाते में ₹5,741 की राशि शामिल पाई गई।पुलिस का कहना है कि इन संपत्तियों के लिए कोई वैध आय स्रोत नहीं मिला, जिसके चलते इन्हें अपराध से अर्जित मानते हुए कुर्क किया गया है।
