लखनऊ। यूपी की राजनीति में एक बार फिर पोस्टर वॉर ने आग भड़का दी है। आजमगढ़ और जौनपुर समेत कई इलाकों में लगे विवादित होर्डिंग्स और पोस्टरों ने सियासी माहौल को गरमा दिया है।आजमगढ़ के सिधारी, फूलपुर और बिलरियागंज क्षेत्रों में ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के नाम से लगाए गए पोस्टरों में Akhilesh Yadav के कार्यकाल (2012-17) की तुलना फिल्मी अंदाज़ में ‘ल्यारी राज’ से की गई है, जबकि Yogi Adityanath को ‘धुरंधर सीएम’ बताया गया है।
वर्तमान सरकार में अपराध पर सख्ती हुई
पोस्टरों में अखिलेश यादव को फिल्म के विलेन स्टाइल में दिखाया गया, वहीं योगी आदित्यनाथ को धार्मिक छवि के साथ प्रस्तुत किया गया। साथ ही माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों पर हुई कार्रवाई को भी प्रमुखता से दिखाया गया, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि वर्तमान सरकार में अपराध पर सख्ती हुई है।
सपाइयों में उबाल, साजिश का आरोप
इन पोस्टरों के सामने आते ही समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। सपा नेताओं ने इसे “राजनीतिक साजिश” और “नफरत फैलाने की कोशिश” करार दिया। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने पोस्टर हटाने की मांग की और संबंधित थानों में तहरीर भी दी।आजमगढ़ के बिलरियागंज में विवादित बैनर को लेकर मामला थाने तक पहुंच गया, जहां पुलिस ने पोस्टर हटवा दिए और जांच शुरू कर दी है।
जौनपुर में भी बवाल
जौनपुर के कई थाना क्षेत्रों—कोतवाली, नेवढि़या, रामपुर और मड़ियाहूं—में भी इसी तरह के आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए, जिसके बाद सपा कार्यकर्ता भड़क उठे। सूचना मिलते ही पुलिस ने सभी पोस्टर हटवा दिए।
सियासत गरम, आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सपा नेताओं का कहना है कि यह सब सत्ता पक्ष की शह पर किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर कुछ लोग इसे “जनता की आवाज” बता रहे हैं।
