लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। डीजीपी Rajeev Krishna ने मंगलवार को सिटी रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन (C-RTC) स्कीम की औपचारिक शुरुआत की।इस योजना के तहत प्रदेश के 20 प्रमुख शहरों की 172 सड़कों को जाम से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 7 कमिश्नरेट और 13 जिलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है।

कैसे काम करेगी योजना?

इस स्कीम में ट्रैफिक सुधार के लिए कई स्तरों पर काम किया जाएगा—

सख्त ट्रैफिक प्रवर्तन (Enforcement)

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करना

सड़क इंजीनियरिंग में सुधार

तकनीकी निगरानी और डेटा आधारित निर्णय

हर चिन्हित मार्ग पर एक रूट मार्शल तैनात किया जाएगा, जो ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होगा।

AI तकनीक से मिलेगी मदद

यह योजना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित होगी, जो रियल टाइम में ट्रैफिक जाम की स्थिति को मैप पर दिखाएगी। अधिकारी अपने मोबाइल से ही जाम की स्थिति की निगरानी कर सकेंगे।सरकार का लक्ष्य इन मार्गों पर यात्रा समय को 20% तक कम करना है।

क्यों जरूरी है योजना?

डीजीपी ने बताया कि ट्रैफिक जाम न केवल समय और ईंधन की बर्बादी करता है, बल्कि इससे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपात सेवाओं में भी बाधा आती है, जिससे जनहानि का खतरा बढ़ जाता है।

लखनऊ समेत 20 शहर शामिल

इस योजना में Lucknow सहित आगरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, मेरठ जैसे बड़े शहर शामिल हैं। लखनऊ में 12 प्रमुख मार्गों को चिन्हित किया गया है, जहां ट्रैफिक सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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