लखनऊ। राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए लखनऊ पुलिस ने दोपहिया वाहनों के खिलाफ विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया। यह अभियान 3 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 तक पूरे शहर में संचालित किया गया, जिसमें पुलिस ने व्यापक और प्रभावी कार्रवाई की।
अभियान को दिनभर तीन अलग-अलग शिफ्टों में चलाया गया
यह अभियान पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) के पर्यवेक्षण में चलाया गया। शहर के सभी पांच जोन—पश्चिमी, मध्य, उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी—में पुलिस उपायुक्तों के नेतृत्व में टीमें गठित कर प्रमुख चौराहों, बाजारों, बस स्टैंडों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग की गई।अभियान को दिनभर तीन अलग-अलग शिफ्टों—सुबह 7 से 9 बजे, दोपहर 12 से 2 बजे और रात 9 से 11 बजे—में चलाया गया, ताकि हर समय ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जा सके।
कड़ी कार्रवाई, हजारों पर जुर्माना
इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 18,649 दोपहिया वाहनों की जांच की। इनमें से 5,410 वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई, जबकि 293 वाहनों को गंभीर नियम उल्लंघन के चलते सीज कर दिया गया।
किन-किन मामलों में हुई कार्रवाई
बिना हेलमेट वाहन चलाना
ट्रिपल राइडिंग
तेज रफ्तार और स्टंटबाजी
मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल
बिना नंबर प्लेट या फर्जी नंबर प्लेट
बिना वैध दस्तावेज वाहन चलाना
गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाना
जोनवार कार्रवाई का विवरण
पश्चिमी जोन: 879 चालान, 29 वाहन सीज
पूर्वी जोन: 1038 चालान, 33 वाहन सीज
मध्य जोन: 895 चालान, 101 वाहन सीज
उत्तरी जोन: 479 चालान, 22 वाहन सीज
दक्षिणी जोन: 590 चालान, 40 वाहन सीज
यातायात पुलिस: 1529 चालान, 68 वाहन सीज
प्रमुख चेकिंग स्थान
कैसरबाग, हुसैनगंज, नक्खास, अटल चौक, तेलीबाग, 1090 चौराहा, आईटी चौराहा, निशातगंज और अवध चौराहा समेत कई व्यस्त इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई।
जागरूकता पर भी जोर
पुलिस ने केवल चालान ही नहीं किए, बल्कि लोगों को हेलमेट पहनने, मोबाइल का इस्तेमाल न करने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक भी किया।
पुलिस की अपील
पुलिस आयुक्त ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हेलमेट पहनना मजबूरी नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी है। ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।लखनऊ पुलिस का यह अभियान सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियान और सख्ती के साथ जारी रहेंगे, ताकि शहर में सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
