मेरठ। मेरठ के तेली मोहल्ला में सामने आए प्रियंका विश्वास मौत मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जो मामला पहले एक सामान्य मौत माना जा रहा था, अब वह एक गहरी और चौंकाने वाली रहस्यमयी कहानी में बदल गया है।पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका के पिता उदयभानु विश्वास अपनी बेटी के शव के साथ करीब चार महीने तक घर में ही मौजूद रहे। हैरानी की बात यह है कि वह इस दौरान कई बार हरिद्वार भी आते-जाते रहे और किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगी।

अंधेरे में घर में दाखिल होते और सुबह होने से पहले निकल जाते थे

जानकारी के अनुसार, उदयभानु रात के अंधेरे में घर में दाखिल होते और सुबह होने से पहले निकल जाते थे। वह घर में बाहर से खाना-पानी लाकर रहते और शव के पास ही समय बिताते थे। स्थानीय लोगों को केवल कभी-कभार उनकी झलक मिली, जिससे किसी को शक नहीं हुआ।पुलिस को जांच के दौरान प्रियंका का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिसमें 14 और 19 नवंबर की कॉल डिटेल मिली है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कॉल्स का इस्तेमाल किसने किया—प्रियंका ने या फिर उसकी मौत के बाद किसी और ने।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, क्योंकि शव पूरी तरह सड़ चुका था। अब पुलिस ने डीएनए जांच का सहारा लिया है ताकि यह साबित किया जा सके कि बरामद कंकाल वास्तव में प्रियंका का ही है।पूछताछ में पिता उदयभानु ने दावा किया कि बेटी को पीलिया था और उसने कई बार झाड़-फूंक भी कराई थी। बाद में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद वह घबरा गया और शव को घर में ही छोड़कर हरिद्वार चला गया।

जांच अधिकारी हर पहलू को खंगाल रहे

लेकिन पुलिस इस कहानी को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रही है। जांच अधिकारी हर पहलू को खंगाल रहे हैं—मौत की असली वजह, शव को छिपाने की मंशा और हरिद्वार आने-जाने की पूरी टाइमलाइन।इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके में दहशत और रहस्य दोनों बढ़ा दिए हैं, और पुलिस जल्द ही बड़े खुलासे की उम्मीद जता रही है।

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