एसएमयूपीन्यूज,ब्यूरो। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA एक बार फिर चंद्रमा पर इंसानी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है। एजेंसी ने आने वाले वर्षों के लिए विस्तृत योजना तैयार की है, जिसमें चांद की सतह पर स्थायी बेस स्थापित करने का लक्ष्य भी शामिल है। हाल ही में जारी किए गए इस रोडमैप में अगले दशक तक चंद्र मिशनों की रूपरेखा और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की समयसीमा भी तय की गई है।
Artemis II मिशन को लेकर खासा उत्साह
इसी कड़ी में Artemis Program के तहत प्रस्तावित Artemis II मिशन को लेकर खासा उत्साह है। यह मिशन करीब आधी सदी बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला प्रयास होगा। इससे पहले आखिरी बार 1972 में Apollo 17 के जरिए इंसान चांद तक पहुंचा था।करीब 10 दिनों तक चलने वाले इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे। यह मिशन Orion spacecraft और Space Launch System रॉकेट की मदद से संचालित किया जाएगा। इससे पहले 2022 में Artemis I के जरिए बिना चालक दल के चंद्रमा के आसपास की परिस्थितियों का परीक्षण किया गया था, जिसके अनुभव के आधार पर अब मानव मिशन की तैयारी की गई है।
यह रिकॉर्ड 1970 के Apollo 13 मिशन के नाम दर्ज
इस मिशन की खास बात इसकी “फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी” होगी। इसका मतलब है कि अंतरिक्ष यान चंद्रमा के पीछे से घूमकर उसके गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल करते हुए स्वतः पृथ्वी की ओर लौट आएगा, जिससे मिशन अधिक सुरक्षित माना जा रहा है।आर्टेमिस-2 के दौरान अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के उस हिस्से के पार जाएंगे, जो पृथ्वी से कभी दिखाई नहीं देता। इतना ही नहीं, इस मिशन के दौरान इंसान पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी बना सकते हैं। फिलहाल यह रिकॉर्ड 1970 के Apollo 13 मिशन के नाम दर्ज है।
