बागपत । यूपी के बागपत में मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कोर्ट के आदेश पर दुकान खाली कराने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीम के सामने एक अधिवक्ता ने आत्मदाह की कोशिश कर डाली।जानकारी के अनुसार, एडीएम न्यायालय के आदेश पर तहसीलदार अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ शहर के राष्ट्र वंदना चौक स्थित एक दुकान को खाली कराने पहुंचे थे। यह दुकान शहनाज खुसरो की बताई जा रही है, जिसे वर्ष 1967 में सोमनाथ को किराए पर दिया गया था। लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद हाल ही में कोर्ट ने दुकान खाली कराने के आदेश दिए थे।

देखते ही देखते मामला गरमा गया

जैसे ही प्रशासनिक टीम दुकान खाली कराने की कार्रवाई में जुटी, उसी दौरान किराएदार सोमनाथ का बेटा अधिवक्ता उमेश मौके पर पहुंच गया और विरोध करने लगा। देखते ही देखते मामला गरमा गया और नोकझोंक शुरू हो गई।इसी बीच अधिवक्ता उमेश ने अचानक बोतल से अपने ऊपर डीजल डाल लिया और आत्मदाह की धमकी देने लगा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आए और उसके हाथ से माचिस छीनकर बड़ी घटना होने से रोक लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की में डीजल तहसीलदार, दो दरोगाओं और अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गिर गया।

अधिवक्ता उमेश, ढाबा संचालक समेत कई लोगों को हिरासत में

घटना के बाद पुलिस ने अधिवक्ता उमेश, ढाबा संचालक समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया। जब पुलिस उन्हें कोतवाली ले जाने लगी तो परिजनों ने विरोध करते हुए हंगामा किया और पुलिस से नोकझोंक भी हुई।पूरा मामला 2013 से चल रहे विवाद से जुड़ा है, जिसमें एडीएम कोर्ट ने हाल ही में दुकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कब्जा खाली कराने का आदेश दिया था। कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दुकान को सील कर दिया है।इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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