गोरखपुर । Yogi Adityanath ने होली के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित भगवान नृसिंह की पारंपरिक रंगभरी शोभायात्रा का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को उत्सव की शुभकामनाएं दीं। घंटाघर से निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्वयंसेवक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति की ताकत उसकी विविधता, आस्था और सामाजिक समरसता में निहित है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का भी उल्लेख किया

उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक विरासत की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे तीर्थ स्थल देश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करते हैं और समाज को जोड़ने का काम करते हैं।उन्होंने देशभर में चल रहे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के पुनरुद्धार कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का भी उल्लेख किया गया।

विधि-विधान से भगवान नृसिंह का पूजन-अर्चन किया

मुख्यमंत्री ने संघ को सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा संगठन बताते हुए अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को महत्वपूर्ण बताया। शोभायात्रा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान से भगवान नृसिंह का पूजन-अर्चन किया और आरती उतारी। उन्होंने नारियल, गुझिया, अबीर-गुलाल और पुष्प अर्पित किए। इसके बाद वे स्वयं भी होली के रंग में रंगे नजर आए और उपस्थित लोगों पर फूलों की वर्षा की।पूरे आयोजन में उत्साह, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं विश्व को शांति और सद्भाव का संदेश देती हैं, और यही देश की सबसे बड़ी शक्ति है।

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