मथुरा । मथुरा जिले के छाता क्षेत्र में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध गौ-सेवक चंद्रशेखर की मौत के बाद शनिवार सुबह हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। गुस्साई भीड़ ने आगरा-दिल्ली हाईवे जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे दहशत का माहौल बन गया। पथराव में कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।इस घटना के बाद हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर ‘फरसा वाले बाबा’ कौन थे, जिनकी मौत के बाद इतना बड़ा बवाल खड़ा हो गया।

कौन थे फरसा वाले बाबा?

बाबा चंद्रशेखर मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के गोपाल का नगला गांव के रहने वाले थे। बताया जाता है कि कम उम्र में ही उन्होंने सांसारिक जीवन छोड़ दिया था और मात्र 8 साल की उम्र में संत बन गए थे। माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने घर त्याग दिया और धार्मिक जीवन अपना लिया।इसके बाद वह अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में भी भाग लिया और करीब 20 वर्षों तक वहां रहे। बाद में वह ब्रज क्षेत्र आ गए और गौ-सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया।

गौ-सेवा से बनाई पहचान

ब्रज में आकर बाबा ने गौ-वंश की रक्षा के लिए काम शुरू किया और ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर हो गए। वह हमेशा फरसा (एक पारंपरिक हथियार) लेकर चलते थे और गौ-तस्करों के खिलाफ सक्रिय रहते थे। उन्होंने गांव-गांव युवाओं की टीम बनाई, जिसमें करीब 200 से अधिक लोग शामिल बताए जाते हैं।छाता ब्लॉक के अंजनोख गांव में उनकी एक बड़ी गोशाला है, जहां वह सैकड़ों गायों की सेवा करते थे। गोपाष्टमी जैसे आयोजनों पर वह बड़े स्तर पर कार्यक्रम करते थे, जिसमें दूर-दूर से गौ-भक्त शामिल होते थे।

कैसे हुई मौत?

घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया गया कि गौ-तस्करों ने उन्हें वाहन से कुचल दिया, जबकि प्रशासन इस मामले को सड़क हादसा बता रहा है। बताया जा रहा है कि बाबा को क्षेत्र में तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ संदिग्ध वाहन का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान नवीपुर के पास उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद भड़का आक्रोश

जैसे ही घटना की खबर फैली, इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हाईवे जाम और पथराव के चलते यातायात प्रभावित हुआ और आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर हालात पर नजर रखी जा रही है।

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