लखनऊ। प्रतिबंधित संगठन Communist Party of India (Maoist) (सीपीआई-माओवादी) के तीन सक्रिय सदस्यों को अदालत ने कड़ा दंड सुनाया है। आतंक फैलाने और देश के खिलाफ साजिश रचने के मामले में विशेष न्यायालय (एटीएस) Lucknow ने तीनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 29-29 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।दोषियों में शिवराज सिंह बग्दावल, राजेन्द्र कुमार उर्फ अरविन्द और कृपाशंकर उर्फ मनोज शामिल हैं। इन सभी को वर्ष 2010 में Kanpur के किदवई नगर क्षेत्र से उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

करीब 16 साल बाद आया फैसला

जांच के दौरान इनके कब्जे से प्रतिबंधित संगठन की विचारधारा से संबंधित भारी मात्रा में साहित्य, पंपलेट, सीडी-कैसेट और मैगजीन बरामद हुई थीं, जिन्हें ये अन्य सदस्यों में वितरित कर संगठन को मजबूत करने का काम करते थे। इस संबंध में थाना किदवई नगर में मुकदमा दर्ज कर जांच Anti Terrorism Squad Uttar Pradesh को सौंपी गई थी।एटीएस द्वारा मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने तीनों को देश की लोकतांत्रिक सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की साजिश का दोषी माना। करीब 16 साल बाद आए इस फैसले को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

दोषियों का विवरण

शिवराज सिंह बग्दावल – निवासी अल्मोड़ा (उत्तराखंड), वर्तमान पता कानपुर नगर
राजेन्द्र कुमार उर्फ अरविन्द – निवासी अल्मोड़ा (उत्तराखंड)
कृपाशंकर उर्फ मनोज – निवासी कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि राज्य में आतंकी गतिविधियों और राष्ट्रविरोधी साजिशों के खिलाफ एजेंसियां लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

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