लखनऊ। राजधानी के काकोरी इलाके में महज एक घंटे के भीतर हुई दो सनसनीखेज लूट की वारदातों ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। हरदोई रोड से लेकर मौंदा पेट्रोल पंप तक दहशत का माहौल था—बदमाश राहगीरों को निशाना बनाकर बाइक, मोबाइल और नकदी लूटकर फरार हो रहे थे।लेकिन इस बार लखनऊ पुलिस ने तेजी और तकनीक का ऐसा संगम दिखाया कि महज 48 घंटे में पूरी वारदात का पर्दाफाश कर दिया गया।

सुमित से मारपीट कर उनकी बाइक और मोबाइल छीन लिया

घटना 19 मार्च की है, जब पहले रोशन लॉन के सामने सुमित तिवारी से मारपीट कर उनकी बाइक और मोबाइल छीन लिया गया। इसके ठीक कुछ देर बाद मौंदा पेट्रोल पंप के पास एक और युवक को निशाना बनाकर उसकी बाइक और पर्स लूट लिया गया। लगातार दो वारदातों से इलाके में दहशत फैल गई।पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए चार टीमों का गठन किया और घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। यहीं से जांच को नई दिशा मिली। संदिग्धों की पहचान के लिए ‘यक्ष ऐप’ का सहारा लिया गया—और यही तकनीक इस केस में गेमचेंजर साबित हुई।

यक्ष ऐप के जरिए एक आरोपी अजय राजपूत की पहचान हुई

यक्ष ऐप के जरिए एक आरोपी अजय राजपूत की पहचान हुई। सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग से पुष्टि हुई कि वह दोनों घटनास्थलों के आसपास मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और 22 मार्च की रात नरौना नहर मोड़ पर चेकिंग के दौरान अजय और उसके साथी दीपांशु उर्फ लक्की को धर दबोचा।पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई बाइक, मोबाइल फोन, दस्तावेज और वारदात में इस्तेमाल दूसरी मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली।

राह चलते लोगों को निशाना बनाता था

जांच में यह भी सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो आर्थिक लाभ के लिए राह चलते लोगों को निशाना बनाता था। गिरफ्तार आरोपी अजय के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसके शातिर अपराधी होने की पुष्टि होती है।फिलहाल पुलिस फरार दो अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

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