लखनऊ । राजधानी में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पुलिस आयुक्त Amrendra Kumar Sengar के आदेश पर रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में एक दिवसीय साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।यह कार्यशाला संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय बबलू कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यक्रम का संचालन पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अनिल कुमार यादव के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में किया गया।
इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया
कार्यशाला में महिला हेल्प डेस्क और पिंक बूथ पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों की नई प्रवृत्तियों, साक्ष्य संकलन की तकनीक और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के तरीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया।साइबर सेल की टीम ने प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को डिजिटल ठगी, संदिग्ध मोबाइल अनुप्रयोगों से होने वाले धोखाधड़ी के तरीकों और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों की पहचान करने के तरीके बताए। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में हेल्पलाइन संख्या 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया
इसके अलावा मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में संचार साथी और मोबाइल पहचान बंद कराने वाली व्यवस्था के उपयोग, वित्तीय लेनदेन का पता लगाने तथा सामाजिक माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला पुलिस कर्मियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे महिला पीड़ितों को साइबर अपराध के मामलों में तुरंत सहायता दे सकें और प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी कार्रवाई कर सकें।कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लखनऊ पुलिस नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
