लखनऊ। राजधानी के थाना मलिहाबाद और डीसीपी उत्तरी की सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे।
आरोपियों को नवीनगर ढेढेमऊ, शारदा नहर किनारे से पकड़ा
पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर एक संदिग्ध बैंक खाते की जांच की गई, जिसमें भारी मात्रा में संदिग्ध लेनदेन पाया गया। जांच में सामने आया कि यह खाता सुमित कुमार के नाम पर संचालित था, जिसका इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने सुमित कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके आधार पर उसके दो अन्य साथियों—अरबाज खान और छोटू मौर्य—को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को नवीनगर ढेढेमऊ, शारदा नहर किनारे से पकड़ा गया।
कैसे करते थे ठगी?
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति पैसे निवेश करता, उसे तुरंत अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इसके बाद रकम को डिजिटल करेंसी (USDT) में बदल दिया जाता था, जिससे उसकी ट्रेसिंग मुश्किल हो जाती थी। आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिए VPN और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे।
₹34 लाख की ठगी का खुलासा
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि 14 और 15 मार्च को ही गिरोह ने करीब 34 लाख रुपये की ठगी की। इस खाते से अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी की शिकायतें मिली हैं, जिससे गिरोह के बड़े नेटवर्क का संकेत मिलता है।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन, ₹1800 नकद और एक स्कूटी बरामद की है। गिरोह के सरगना “अल्फा” समेत अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, ऑनलाइन गेमिंग या निवेश के लालच में न आएं और अपनी बैंकिंग व ओटीपी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में सूचना दें।
