लखनऊ । उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मीरजापुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना लालगंज और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 8 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 11,605 पुराने मोबाइल फोन, 8 मोटरसाइकिल, एक टाटा डीसीएम ट्रक और नकदी बरामद हुई है, जिसकी कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।

भारी मात्रा में पुराने मोबाइल छिपाकर ले जाए जा रहे थे

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर के नेतृत्व में की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने थाना लालगंज क्षेत्र के तेन्दुई टोल प्लाजा के पास ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ा, जिसमें भारी मात्रा में पुराने मोबाइल छिपाकर ले जाए जा रहे थे।

साइबर ठगी का नया नेटवर्क आया सामने

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में मोटरसाइकिल से घूम-घूमकर पुराने मोबाइल फोन इकट्ठा करता था। कई मामलों में चोरी के मोबाइल भी शामिल थे। बाद में इन मोबाइलों को रिपेयर कर उनके पार्ट्स बिहार और कोलकाता के साइबर अपराधियों को बेचे जाते थे।इन मोबाइल फोन से निकाले गए डेटा—जैसे मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खातों की जानकारी—का इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य अपराधों में किया जाता था। इस तरह यह गिरोह सीधे तौर पर देशभर में फैल रहे साइबर क्राइम नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह के एक सदस्य के खाते में पिछले दो वर्षों में 45 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ, जबकि वह खुद को एक सामान्य मजदूर बताता था। इससे गिरोह की बड़ी आर्थिक गतिविधियों का भी खुलासा हुआ है।

बरामदगी का ब्यौरा

874 एंड्रॉयड मोबाइल (लगभग ₹17.48 लाख)

10,605 कीपैड मोबाइल (लगभग ₹53 लाख)

8 मोटरसाइकिल (लगभग ₹8 लाख)

टाटा डीसीएम ट्रक (लगभग ₹25 लाख)

₹48,800 नकद

कानूनी कार्रवाई और सम्मान

इस मामले में थाना लालगंज में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने इस उल्लेखनीय सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए 1 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।यह कार्रवाई दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ न सिर्फ सतर्क है, बल्कि तकनीक और रणनीति के जरिए ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।

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