वाराणसी । धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और उसके बाद कथित रूप से अवशेष नदी में फेंकने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस प्रकरण में 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।घटना 16 मार्च की शाम की बताई जा रही है, जब पंचगंगा घाट के सामने मोटरबोट पर इफ्तार का आयोजन किया गया। आरोप है कि इफ्तार के दौरान चिकन बिरयानी खाने के बाद उसके अवशेष गंगा में फेंक दिए गए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने और नदी प्रदूषण का मुद्दा उठा।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई

मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम ने जांच के बाद मंगलवार सुबह गायघाट इलाके से सभी आरोपियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच कहासुनी भी हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने, गंगा को प्रदूषित करने और शांति भंग करने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में नाव के मालिक और चालक को भी नामजद किया गया है।

पवित्र नदी में अवशेष फेंकना अनुचित

जांच अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर पहचान सुनिश्चित की गई और उसी के बाद कार्रवाई की गई। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।इस बीच स्थानीय धार्मिक संगठनों ने भी घटना की निंदा की है और इसे परंपराओं के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि इफ्तार एक धार्मिक प्रक्रिया है, इसे सार्वजनिक रूप से इस तरह करना और पवित्र नदी में अवशेष फेंकना अनुचित है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यदि अन्य लोग भी शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *