लखनऊ । उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों में प्रदेशभर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बड़े स्तर पर निरीक्षण और छापेमारी की गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।

कार्रवाई के दौरान 12 गैस एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

12 से 17 मार्च के बीच हुए इस अभियान में एलपीजी वितरण प्रणाली की गहन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान 12 गैस एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जबकि कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों पर 74 मुकदमे कायम किए गए। इस पूरी कार्रवाई में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, वहीं कुल 85 लोगों को नामजद किया गया है।सरकारी अधिकारियों का दावा है कि सख्त निगरानी के चलते प्रदेश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है। राज्य में मौजूद 4100 से अधिक एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस का स्टॉक मौजूद

इसके अलावा एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस का स्टॉक मौजूद है, जिससे किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। वहीं वाणिज्यिक सिलेंडरों की सप्लाई को संतुलित बनाए रखने के लिए कुल खपत का 20 प्रतिशत आवंटन भी सुनिश्चित किया गया है।शासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन लगातार फील्ड में सक्रिय रहकर आपूर्ति व्यवस्था पर नजर बनाए रखें, ताकि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या कृत्रिम संकट पैदा न हो सके।

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