लखनऊ । देहरादून में आगामी 08 मार्च को ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। बैठक में उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया और आंदोलनरत बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों के खिलाफ की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।यह जानकारी देते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के संयोजक एवं ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि बैठक में बिजली क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के विरोध में प्रस्ताव पारित किए जाने की भी तैयारी है। फेडरेशन का मानना है कि इन नीतियों के जरिए देश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, जिससे बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और इंजीनियरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
फेडरेशन ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण को वित्तीय सहायता से जोड़कर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका संगठन कड़ा विरोध कर रहा है। इस मुद्दे पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी।
निजीकरण के विरोध में पिछले 463 दिनों से आंदोलन जारी
संघर्ष समिति के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 463 दिनों से आंदोलन जारी है। इस आंदोलन के समर्थन में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के आह्वान पर देश के कई राज्यों में व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं।पिछले वर्ष आंदोलन के दौरान आठ दिन तक चले क्रमिक अनशन में भी विभिन्न राज्यों के बिजली इंजीनियर लखनऊ पहुंचकर आंदोलन के समर्थन में शामिल हुए थे। इसके अलावा 09 अप्रैल को लखनऊ में आयोजित विशाल बिजली महापंचायत और रैली में भी देशभर से बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने भाग लेकर निजीकरण विरोधी आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई थी।संघर्ष समिति ने बताया कि वर्तमान में भी उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में बिजली कर्मियों द्वारा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।
