लखनऊ । क्राइम ब्रांच ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देश के संवेदनशील सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटाकर विदेश भेजने में संलिप्त थे। मुख्य आरोपी समीर उर्फ शूटर बिहार का निवासी है, जो दिल्ली में एक होटल में काम करता था और इसी आड़ में विभिन्न स्थानों की जानकारी इकट्ठा कर रहा था।
कई महत्वपूर्ण सैन्य परिसरों और प्रतिष्ठानों को अपने निशाने पर रखा
जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से देश के अलग-अलग राज्यों में घूमकर सेना, अर्धसैनिक बलों और नौसेना से जुड़े संवेदनशील ठिकानों की फोटो और वीडियो बना रहा था। इन जानकारियों को वह डिजिटल माध्यम से विदेशी संपर्कों तक पहुंचाता था। इस दौरान उसने कई महत्वपूर्ण सैन्य परिसरों और प्रतिष्ठानों को अपने निशाने पर रखा।
विदेशी फंडिंग कई स्तरों के जरिए पहुंच रही थी
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे, जो अलग-अलग क्षेत्रों में रेकी करने और जानकारी जुटाने में मदद करते थे। कुछ आरोपी युवाओं को भी इस काम में जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों तक विदेशी फंडिंग कई स्तरों के जरिए पहुंच रही थी, जिसकी जांच की जा रही है।इसके अलावा, आरोपियों के बीच आपसी संपर्क और संचार के सबूत भी मिले हैं, जिनमें कुछ डाटा डिलीट किया गया था।
साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा
अब इन डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो सके।पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, जिसमें फंडिंग के स्रोत, अन्य सहयोगियों और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से देश की सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर खतरे को समय रहते टाल दिया गया है।
