लखनऊ। प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की समस्याओं को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारी जन कल्याण एसोसिएशन ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। एसोसिएशन की अध्यक्ष इंदु वर्मा ने एक मांग पत्र जारी कर आंगनबाड़ी कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की है।
पौने चार लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं कार्यरत
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग पौने चार लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं कार्यरत हैं, जो वर्षों से बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। इसके बावजूद उन्हें अभी तक नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है, जिसके कारण वे सेवा सुरक्षा और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं।मांग पत्र में कहा गया है कि आईसीडीएस योजना के करीब 50 वर्ष पूरे होने के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियमित करने की मांग पूरी नहीं हो सकी है। एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, ताकि उन्हें भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह लाभ मिल सके।
निर्धारित 50 वर्ष की आयु सीमा को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई
इसके साथ ही आंगनबाड़ी से मुख्य सेविका के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित 50 वर्ष की आयु सीमा को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई है। एसोसिएशन का कहना है कि पदोन्नति की प्रक्रिया हर वर्ष नियमित रूप से होनी चाहिए।आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि उनके लिए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाई जाए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी समस्याओं के कारण पोषण ट्रैकर ऐप सही ढंग से संचालित नहीं हो पाता, जिससे कई कार्यकत्रियां 1500 रुपये की प्रोत्साहन राशि से वंचित रह जाती हैं। इसलिए इस राशि को मानदेय में शामिल करने की मांग की गई है।
सेवानिवृत्ति के समय 5 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने की मांग
मांग पत्र में खाद्यान्न वितरण के दौरान फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली से हो रही व्यावहारिक दिक्कतों का भी जिक्र किया गया है। एसोसिएशन ने इसे बायोमेट्रिक प्रणाली से संचालित करने की मांग की है।इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित करने तथा सेवानिवृत्ति के समय 5 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने की मांग भी की गई है।एसोसिएशन की अध्यक्ष इंदु वर्मा ने उम्मीद जताई है कि सरकार आंगनबाड़ी कर्मचारियों की इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
