लखनऊ।राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) वाहिनी मुख्यालय, लखनऊ में चल रहे द्वितीय चरण ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

एडीजी पीएसी ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया

उनके आगमन पर उप सेनानायक एसडीआरएफ हरेन्द्र प्रताप यादव ने स्वागत किया। एडीजी पीएसी ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और प्रशिक्षुओं व प्रशिक्षकों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जानकारी ली।प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर (MFR), प्राथमिक उपचार, CBRN (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर) आपदाओं में प्रतिक्रिया, अग्निकांड, सर्पदंश, घायल व्यक्तियों को सुरक्षित उठाने व स्थानांतरित करने की तकनीक, भूकंप के दौरान सावधानियां, आकाशीय बिजली से बचाव और बाढ़ आपदा में राहत एवं बचाव उपायों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

आपदा मित्र केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं: डॉ. स्वर्णकार

अपने संबोधन में डॉ. स्वर्णकार ने कहा कि “आपदा मित्र केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक सशक्त पहल है।” उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में घबराहट नहीं, बल्कि प्रशिक्षित कौशल, संयम और त्वरित निर्णय क्षमता ही जीवन बचाने का मूल मंत्र है।उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को वितरित इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रभावी उपयोग करने तथा समाज में आपदा जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।समारोह का समापन उत्साह और प्रतिबद्धता के माहौल में हुआ, जहां प्रशिक्षुओं ने आपदा के समय समाज की सेवा के लिए तत्पर रहने का संकल्प लिया। उक्त जानकारी मीडिया सेल प्रभारी राहुल धामा ने दी।

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