लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। विधान परिषद और विधानसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों, योजनाओं और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समस्याओं को टालने नहीं, बल्कि उन्हें समाधान तक पहुंचाने में विश्वास रखती है और इसी सोच के चलते उत्तर प्रदेश आज तेजी से प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

छह करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया

राज्यपाल ने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वयं को “बॉटलनेक स्टेट” से “ब्रेकथ्रू स्टेट” के रूप में स्थापित किया है। सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विस्तार, निवेश और रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों से प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र के साथ लगभग छह करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है।अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में ‘विकसित उत्तर प्रदेश–2047 विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार करने के लिए विधानमंडल में सार्थक चर्चा की गई, जो प्रदेश के दीर्घकालिक विकास की नींव रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2026 को अंत्योदय, सामाजिक न्याय और सर्वसमावेशी विकास का प्रतीक बनाने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

रोजगार और उद्यमिता को सरकार की प्राथमिकताओं में बताया

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता को सरकार की प्राथमिकताओं में बताया। महिला सशक्तीकरण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं से कृषि क्षेत्र को भी नई गति मिली है और खाद्यान्न, दुग्ध, आलू, आम और चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बना हुआ है।राज्यपाल ने राजधानी लखनऊ में निर्मित प्रेरणा स्थल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित इस स्थल पर अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाएं देश और प्रदेश को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने मिशन कर्मयोगी, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ई-प्रॉसिक्यूशन सिस्टम, एनपीएस ट्रेडर्स योजना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही

अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं बालिका शिक्षा को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।राज्यपाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-व्ययक शीघ्र ही सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, पिछले सत्र के बाद जारी किए गए अध्यादेशों के स्थान पर विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी सदन में रखे जाएंगे। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे प्रदेश की जनता के व्यापक हित में सरकार का सहयोग करें और सदन की गरिमा व परंपराओं को बनाए रखते हुए जनआकांक्षाओं की पूर्ति में योगदान दें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *