लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने बिजली कर्मचारियों के सरकारी आवासों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने की कार्रवाई पर तीखी आपत्ति जताई है। समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों की हुई बैठक में इस मुद्दे पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
अधिकारों के उल्लंघन का आरोप
संघर्ष समिति का कहना है कि ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों को रियायती विद्युत सुविधा इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म एक्ट, 1999 और ट्रांसफर स्कीम, 2000 के तहत प्राप्त है, जिसे इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 द्वारा भी संरक्षण दिया गया है। ऐसे में कर्मचारियों के आवासों पर बलपूर्वक स्मार्ट मीटर लगाए जाना उनके वैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
हाइडल कॉलोनी की घटना से बढ़ा आक्रोश
समिति ने आरोप लगाया कि 20 फरवरी को लखनऊ के प्राग नारायण रोड स्थित हाइडल कॉलोनी में फाटक का ताला तोड़कर और दीवार फांदकर कर्मचारियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए। इस घटना को समिति ने “अत्यंत निंदनीय” बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है और कार्यस्थलों पर अनावश्यक तनाव का माहौल बन गया है।
चेयरमैन को भेजा पत्र
संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन को पत्र भेजकर मांग की है कि कर्मचारियों के आवासों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकी जाए। साथ ही इस पूरे मामले पर समिति के साथ शीघ्र वार्ता की जाए। समिति का कहना है कि पूर्व में भी कई बार वार्ता का अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन अब तक सकारात्मक पहल नहीं हुई।

26 फरवरी को आंदोलन का ऐलान संभव
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन मीटर लगाने की कार्रवाई नहीं रोकी गई और वार्ता शुरू नहीं हुई तो 26 फरवरी को लखनऊ में होने वाली केंद्रीय पदाधिकारियों की बैठक में बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
23 फरवरी को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
समिति के आह्वान पर 23 फरवरी को सभी जनपदों और परियोजनाओं में स्थानीय पदाधिकारी संबंधित जिले या परियोजना के वरिष्ठतम अधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे।
निजीकरण के विरोध में जारी आंदोलन
गौरतलब है कि बिजली कर्मचारियों का निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन आज 451वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदेश भर में कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं।
