लखनऊ । सिंगापुर और जापान यात्रा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी इन्वेस्ट यूपी और संबंधित विभागों को सौंपी गई है।
विदेशी निवेशकों में उत्तर प्रदेश को लेकर भरोसा बढ़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी यात्रा के दौरान स्पष्ट रूप से यह देखने को मिला कि कानून-व्यवस्था और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस अब सकारात्मक परिणाम दे रहा है। विदेशी निवेशकों में उत्तर प्रदेश को लेकर भरोसा बढ़ा है।
ग्रीन हाइड्रोजन पर अहम समझौता
सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। यामानाशी के गवर्नर अगस्त माह में करीब 200 जापानी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। इसके अलावा सिंगापुर से भी एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन प्रदेश में निवेश की संभावनाएं तलाशने आएगा।
पांच लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे
उन्होंने दावा किया कि इन निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन से पांच लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह यात्रा तकनीक हस्तांतरण, स्किल डेवलपमेंट, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिहाज से प्रदेश के विकास की नई दिशा तय करेगी।
तीन बड़े निवेश रोड शो
मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रा के दौरान तीन प्रमुख निवेश रोड शो आयोजित किए गए—पहला सिंगापुर में, दूसरा टोक्यो में और तीसरा यामानाशी में। इन कार्यक्रमों में करीब 500 निवेशकों, उद्योगपतियों और वित्तीय संस्थानों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने भाग लिया और यूपी में निवेश को लेकर उत्साह दिखाया।यामानाशी में प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण भी किया। वहां की सरकार ने उन्नत तकनीक और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग का भरोसा दिलाया।
मैग्लेव ट्रेन का अनुभव
सीएम योगी ने जापान की सुपर हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन में यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि कुछ ही मिनटों में लगभग 500 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हासिल करने वाली यह तकनीक आधुनिक परिवहन का अद्भुत उदाहरण है।
90 हजार करोड़ के एमओयू, ‘जापान सिटी’ की तैयारी
जापान दौरे के दौरान करीब 90 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ विकसित की जाएगी। इन्वेस्ट यूपी में जापान डेस्क को और मजबूत किया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा।जापान, यूपी के एमएसएमई क्षेत्र में तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त उपक्रम और सप्लाई चेन एकीकरण को बढ़ावा देगा।
पर्यटन और आध्यात्मिक जुड़ाव पर जोर
दोनों देशों के बीच बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट को जोड़ते हुए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर सहमति बनी। इससे निवेश के नए अवसर खुलने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
सिंगापुर में भी सहयोग की सहमति
सिंगापुर में आयोजित निवेशक रोड शो के दौरान एमआरओ, कार्गो हब, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्किलिंग और फिनटेक क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व—राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री—से मुलाकात की।जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय कार्गो हब के रूप में विकसित करने पर भी वार्ता हुई।कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का सिंगापुर और जापान दौरा निवेश, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के दृष्टिकोण से अहम उपलब्धियों वाला माना जा रहा है।
