एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । भाउत्तर प्रदेश में यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इस बार अब तक की सबसे सख्त व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 20 चयनित परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे, जिससे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए होने वाली नकल पर प्रभावी रोक लग सके।
18 अतिसंवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर गोंडा, आगरा समेत 18 अतिसंवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट मोड में परीक्षा कराने के निर्देश दिए। इन जिलों में सभी परीक्षा केंद्रों का प्रतिदिन दो बार औचक निरीक्षण कराया जाएगा और किसी भी स्तर की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डिंग सिस्टम पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। इसके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल एवं मॉनीटरिंग सेंटर स्थापित कर रियल टाइम निगरानी की जाएगी। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ और एलआईयू की विशेष टीमें तैनात रहेंगी।
परीक्षा व्यवस्था को बाधित करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
नकल माफिया और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्षों को लगातार पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा व्यवस्था को बाधित करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मुख्य सचिव ने बताया कि इस बार सभी जिलों में मुख्य विषयों के प्रश्नपत्रों के रिजर्व सेट्स पहले से तैयार रखे गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।बैठक में प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ शासन व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहने और लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
ओवरलोडिंग और अवैध खनन परिवहन पर सख्ती
मुख्य सचिव ने बताया कि 1 फरवरी से 15 फरवरी तक प्रदेशभर में चल रहे विशेष अभियान के तहत ओवरलोड वाहनों, लंबित चालान वाले वाहनों और फर्जी या धुंधली नंबर प्लेट से खनिज परिवहन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उपखनिजों का परिवहन करने वाले सभी वाहनों पर जीपीएस डिवाइस लगाना अनिवार्य किया गया है।प्रदेश सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल या अव्यवस्था के लिए कोई जगह नहीं होगी। प्रशासनिक सख्ती और तकनीकी निगरानी के जरिए परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
