लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शन के साथ हुई। सत्र शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

फार्म-7 से जुड़े मुद्दों पर नारेबाजी की

सपा विधायक हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा फार्म-7 से जुड़े मुद्दों पर नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप है कि इन प्रक्रियाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष दल की वरिष्ठ नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ भी प्रदर्शन में शामिल रहीं और सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ का आरोप लगाया।

वाराणसी में मंदिर तोड़े जाने का मुद्दा वह सदन में प्रमुखता से उठाएंगे

विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास सपा विधायकों और एमएलसी ने एकजुट होकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि वाराणसी में मंदिर तोड़े जाने का मुद्दा वह सदन में प्रमुखता से उठाएंगे।इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र से पहले मीडिया से बातचीत कर सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान प्रदेश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को निपटाया जाएगा।

शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई

विधानमंडल के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण के दौरान विपक्ष द्वारा हंगामे की आशंका पहले से जताई जा रही थी। विपक्ष बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, विदेश नीति, कोडीन कफ सिरप की तस्करी और मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को सदन की कार्यवाही दिवंगत पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी जाएगी। इसके बाद बुधवार को योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन के पटल पर रखेगी।

बजट सत्र को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बजट सत्र को लेकर विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इससे पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सभी दलों ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने पर सहमति जताई थी। सत्र की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ से हुई, जिसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ा गया।

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