बाराबंकी। बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब विदाई से ठीक पहले यह खुलासा हुआ कि दूल्हा किन्नर समुदाय से है। जानकारी मिलते ही शादी समारोह में हड़कंप मच गया और अधिकांश बराती व दूल्हे पक्ष के लोग मौके से भाग निकले।
चार महीने पहले तय हुई थी शादी
लड़की के पिता के मुताबिक, उनकी पुत्री का विवाह दिलौना निवासी बालचंद के पुत्र रिशु के साथ चार महीने पहले तय हुआ था। दो महीने पूर्व वरीक्षा और दिखाई की रस्में पूरी हो चुकी थीं। शादी की तारीख 13 फरवरी निर्धारित थी। तय कार्यक्रम के अनुसार बारात धूमधाम से आई और रात में वैवाहिक रस्में भी संपन्न हो गईं।
सुबह पहुंचा किन्नर समुदाय, खुली सच्चाई
शनिवार सुबह विदाई की तैयारी चल रही थी, तभी कुछ किन्नर वहां पहुंचे। उन्होंने दूल्हे को अपने समुदाय का सदस्य बताते हुए उसे साथ ले जाने की बात कही। यह सुनते ही लड़की पक्ष के लोग स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
बराती भागे, दूल्हा और मां को रोका
जैसे ही मामला सार्वजनिक हुआ, कई बराती मौके से वापस लौट गए। लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हे और उसकी मां को रोक लिया और ग्राम प्रधान के माध्यम से दूल्हे के परिजनों को बुलाने का प्रयास किया। देर शाम तक जब कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं पहुंचा तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस पहुंची, पंचायत में हुआ समझौता
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पंचायत कराई। देर शाम लड़के का मामा वहां पहुंचा। काफी बातचीत और समझाइश के बाद आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया, जिसके बाद बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता करा दिया गया
थाना प्रभारी अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि सूचना पर दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता करा दिया गया है। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
