लखनऊ। Uttar Pradesh सरकार ने चल-अचल संपत्ति का विवरण न देने वाले राज्य कर्मचारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। 31 जनवरी 2026 तक संपत्ति विवरण अपलोड न करने वाले 47,816 कर्मचारियों को अब अंतिम अवसर दिया गया है। शासन के अनुसार, संबंधित कर्मचारी यदि 10 मार्च 2026 तक अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज कर देते हैं, तभी उनका जनवरी माह का वेतन जारी किया जाएगा।

मुख्य सचिव S. P. Goyal द्वारा जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि 24 नवंबर 2025 के आदेश के तहत सभी कर्मचारियों को 31 जनवरी 2026 तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य किया गया था। 6 जनवरी 2026 को यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि जो कर्मचारी निर्धारित समय सीमा तक विवरण अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें जनवरी का वेतन नहीं दिया जाएगा।

फिर भी नहीं सुधरे हजारों कर्मचारी

निर्धारित तिथि तक 47,816 कर्मचारियों ने विवरण प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद सरकार ने 26 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक एक और अवसर देने का निर्णय लिया है, लेकिन इसे सख्त प्रतिबंधों के साथ जोड़ा गया है।

क्या होंगे प्रतिबंध?

संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।

वर्तमान चयन वर्ष में पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा।

देय होने पर भी इस वर्ष एसीपी (Assured Career Progression) का लाभ नहीं मिलेगा।

विदेश यात्रा, प्रतिनियुक्ति आदि के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस जारी नहीं की जाएगी।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संपत्ति विवरण देना अनिवार्य है। समय सीमा के भीतर अनुपालन न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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