लखनऊ । विधानसभा में अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों का फोन न उठाने का मुद्दा उठने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने नई पहल की घोषणा की है। उन्होंने अपने प्रभार वाले जिलों हरदोई, गाजियाबाद और अपने निर्वाचन क्षेत्र कन्नौज में पायलट प्रोजेक्ट ‘संवाद सेतु’ शुरू करने का निर्णय लिया है।
क्या है ‘संवाद सेतु’?
इस पहल के तहत जिला स्तर पर एक अत्याधुनिक जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी द्वारा 10 मिनट के भीतर फोन नहीं उठाया जाता या कॉल बैक नहीं किया जाता, तो कमांड सेंटर सक्रिय हो जाएगा।जनप्रतिनिधि द्वारा सेंटर को सूचना देने के बाद संबंधित अधिकारी को तुरंत कॉल बैक करने का निर्देश दिया जाएगा और पुष्टि होने तक समन्वय जारी रहेगा।
टेक्नोलॉजी से होगी निगरानी
स्मार्टफोन और विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग
अधिकारियों के ‘रिस्पांस टाइम’ का डिजिटल रिकॉर्ड
राजपत्रित अधिकारियों की रियल टाइम उपलब्धता (ड्यूटी, अवकाश, प्रशिक्षण)
अवकाश की स्थिति में वैकल्पिक अधिकारी से संपर्क की व्यवस्था
इस व्यवस्था में वर्क-लाइफ बैलेंस का भी ध्यान रखा गया है। यह सुविधा केवल कार्यदिवस और कार्यालय समय में लागू रहेगी।
25 फरवरी से होगी शुरुआत
मंत्री असीम अरुण ने बताया कि तीनों जिलों के डीएम के साथ ऑनलाइन बैठक के बाद 25 फरवरी से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। सेंटर में तीन प्रशिक्षित ऑपरेटर तैनात होंगे।बेहतर संवाद और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि लापरवाही करने वालों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
