लखनऊ । प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद आखिरकार समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। वह लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी में वापसी की कोशिशों में जुटे थे, लेकिन बात नहीं बन सकी।
अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली
सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने पुराने साथियों के जरिए मायावती तक संदेश पहुंचाया और सार्वजनिक रूप से उनकी प्रशंसा भी की, लेकिन बसपा नेतृत्व ने वापसी की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने चंद्रशेखर आजाद से भी संपर्क साधा, मगर अंततः उन्होंने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
मुस्लिम राजनीति में बड़ा चेहरा
नसीमुद्दीन सिद्दीकी को प्रदेश की मुस्लिम राजनीति में प्रभावशाली नेता माना जाता रहा है। बसपा सरकार में उन्हें एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी, जिसके चलते उन्हें ‘मिनी मुख्यमंत्री’ तक कहा जाता था। विधानसभा में वह अक्सर आजम खां पर हमलावर रहते थे, ताकि मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ बनाए रखी जा सके।हालांकि 2012 के बाद बसपा से अलग होते समय उन्होंने मायावती के साथ बातचीत की ऑडियो सार्वजनिक कर दी थी। इसी घटनाक्रम के बाद उनके लिए बसपा के दरवाजे लगभग बंद हो गए।
बसपा का बदला रुख
जानकारों का मानना है कि हालिया लोकसभा चुनाव में बसपा द्वारा बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने के बावजूद अपेक्षित समर्थन न मिलने से नेतृत्व सतर्क हो गया है। 21 मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे गए थे, लेकिन पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इसके बाद मायावती ने संकेत दिया था कि भविष्य में टिकट वितरण में सतर्कता बरती जाएगी।
सपा में सामूहिक एंट्री
रविवार को नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू ने भी सपा की सदस्यता ली। अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि “उन्होंने सिर्फ मकान बदला है, मोहल्ला नहीं,” यानी वे अब भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं।
15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल
इस मौके पर देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, प्रतापगढ़ सदर के पूर्व विधायक राजकुमार पाल, कन्नौज से एआईएमआईएम प्रत्याशी रहे डॉ. दानिश खान, पूर्व एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी, पूनम पाल और ड्रोन पायलट रंजना पाल समेत कई नेताओं ने सपा जॉइन की।नसीमुद्दीन ने दावा किया कि 15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं और लक्ष्य 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनाना है।
