लखनऊ। पूर्व विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस और क्राइम ब्रांच की पांच टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं। वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

ऐसे हुई वारदात

शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ से बाराबंकी जाते समय हाईवे के असेनी मोड़ की सर्विस रोड पर पल्सर सवार दो हेलमेटधारी बदमाशों ने शोएब की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावर गोलियां बरसाकर फरार हो गए। पुलिस को 1:22 बजे घटना की सूचना मिली।

पोस्टमार्टम में खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शोएब के शरीर में करीब 10 गोलियां लगीं, जबकि चार गोलियां इधर-उधर लगीं। हत्या की बर्बरता ने पुलिस को भी चौंका दिया है।

जांच का दायरा बढ़ा

चालक और तीन परिचितों से पूछताछ

मोबाइल टावरों का डंप डेटा खंगाला गया

250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में

12:50 से 1:40 बजे के ‘गोल्डन टाइम फ्रेम’ पर फोकस

घटना से दो दिन पहले चालक को छुट्टी दिए जाने की जांच

पुलिस हर उस व्यक्ति की लोकेशन ट्रेस कर रही है जो किसी न किसी मामले में शोएब से जुड़ा रहा है।

आपराधिक इतिहास और प्रॉपर्टी कनेक्शन

मृतक के खिलाफ लखनऊ और बाराबंकी में कुल 12 मुकदमे दर्ज थे, जिनमें 1999 का हजरतगंज जेलर आरके तिवारी हत्याकांड भी शामिल है। हालांकि परिजनों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से शोएब शांतिपूर्ण जीवन जी रहे थे।अधिवक्ता के साथ-साथ शोएब प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से भी जुड़े थे। पुलिस आर्थिक लेनदेन और हालिया सौदों में संभावित विवाद की भी जांच कर रही है।

पुरानी शिकायत भी जांच के घेरे में

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले मृतक की पत्नी ने एक तहरीर दी थी। इस संबंध में एडिशनल एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने शहर कोतवाली पहुंचकर रजिस्टरों की जांच कराई।एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने कहा कि संबंधित शिकायत चार-पांच वर्ष पुरानी है और उसका वर्तमान हत्याकांड से सीधा संबंध अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है।फिलहाल हमलावरों तक पहुंचने के लिए पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के सहारे पहली ठोस कड़ी तलाश रही है।

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