लखनऊ। राजधानी में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के जौखंडी गांव के पास लुधियाना (पंजाब) से मोतिहारी/दरभंगा (बिहार) जा रही डबल डेकर स्लीपर बस (HR55AF1323) अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई।हादसा सोमवार दोपहर करीब 3 बजे (कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार साढ़े चार बजे) हुआ। बस में करीब 40 यात्री सवार थे।
3 मासूम समेत 5 की मौत
हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई—बीरेंद्र पुत्र सिकंदर राव (उम्र लगभग 30 वर्ष), अंजली (उम्र 8 वर्ष), प्रियांशु (उम्र लगभग 15 वर्ष), एक 6 वर्षीय बालक (नाम पता अज्ञात), एक अज्ञात पुरुष (उम्र लगभग 30 वर्ष), मृतकों में तीन बच्चे शामिल हैं। कई शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
कैसे पलटी बस?
आरोप है कि चालक को झपकी आ गई, जिससे बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। उस समय अधिकतर यात्री सो रहे थे। अचानक तेज झटका लगा और चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
कहां-कहां चल रहा इलाज?
घायलों को पहले सीएचसी गोसाईंगंज लाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायलों को लखनऊ के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया।
केजीएमयू ट्रामा सेंटर – 14 घायल
एपेक्स ट्रामा सेंटर पीजीआई – 31 घायल
डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
चालक हिरासत में
पुलिस के अनुसार बस चालक सोमपाल पुत्र दारा सिंह, निवासी नौल्था, थाना इसराना, पानीपत (हरियाणा) को हिरासत में ले लिया गया है। उसके खिलाफ थाना गोसाईंगंज में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।घटना की सूचना पर पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर और जिलाधिकारी विशाख जी समेत परिवहन विभाग व यूपीडा के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
बस के कागज पूरे, फिर भी हादसा
यह बस गुरुग्राम (हरियाणा) में पंजीकृत थी।
पंजीकरण: 3 जून 2019
फिटनेस वैध: 27 अगस्त 2027
परमिट: 3 जून 2029 तक
इंश्योरेंस व टैक्स भी वैध
पॉल्यूशन (PUCC): 11 फरवरी 2027 तक
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय के अनुसार बस के सभी कागजात दुरुस्त थे।
उठते सवाल
अगर बस फिट थी तो दुर्घटना कैसे हुई?
क्या चालक की लापरवाही या थकान जिम्मेदार थी?
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और मॉनिटरिंग व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की निगरानी और चालक की फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
