फिराेजाबाद । उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में सामने आई मासूम की हत्या की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। मक्खनपुर थाना क्षेत्र के जिजौली मोहल्ले में 14 वर्षीय मयंक की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने हत्यारोपी पिता राजेश कुमार राजपूत को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हंसिया और सब्जी काटने वाला चाकू भी बरामद कर लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने ऐसी बातें कबूलीं, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।
गिरफ्तारी से पहले सड़क पर उतरा ननिहाल पक्ष, जाम कर किया हंगामा
घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल था। गिरफ्तारी से पहले मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मयंक के ननिहाल पक्ष ने जिजौली में सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।इसके बाद पुलिस ने दोपहर में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा। शाम को मयंक का अंतिम संस्कार गांव नगला मवासी (मटसैना) में पुलिस पहरे के बीच कराया गया।
गैस पर रखा पानी… और वहीं से शुरू हुआ मौत का खेल
पूछताछ में आरोपी पिता राजेश राजपूत ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे उसकी बेटी महिमा ट्यूशन चली गई थी। घर में सिर्फ वह और बेटा मयंक मौजूद थे।इसी दौरान उसने एक लोटे में पानी गैस पर गर्म होने के लिए रखा था। उसने मयंक से कहा कि गर्म पानी का लोटा उठाकर दे दो, लेकिन मयंक ने मना कर दिया।आरोपी के मुताबिक जब उसने दूसरी बार कहा तो मयंक ने मां से शिकायत करने की धमकी दे दी। यही बात राजेश को नागवार गुजरी और वह आपा खो बैठा।
पहले हंसिया फेंका… आंख के पास लगा, फिर डर ने बना दिया कातिल
आरोपी ने कबूल किया कि गुस्से में उसने पास रखा हंसिया मयंक पर फेंक दिया, जो उसकी आंख के पास जा लगा।खून बहने लगा तो मयंक घबराकर सीढ़ियों की ओर भागा… लेकिन वहीं गिर पड़ा, सिर में चोट लगी और ज्यादा खून निकलने लगा। कुछ देर में वह अचेत हो गया।इसी वक्त आरोपी को डर सताने लगा कि—पत्नी उर्मिला मायके वालों को बुलाकर पिटवाएगी, पुलिस बेटे पर हमले में जेल भेज देगी और इसी डर ने राजेश को पूरा हैवान बना दिया।
“जेल जाने के डर से” ताबड़तोड़ वार… 20-25 बार काट डाला!
पुलिस के अनुसार आरोपी ने मयंक पर हंसिया और सब्जी काटने वाले चाकू से लगातार वार किए।जांच में सामने आया कि मासूम पर 20 से 25 बार हमला किया गया। हालांकि पुलिस इसकी अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से करेगी, जो बुधवार को सीएमओ कार्यालय से मिलने की बात कही गई है।हमले के दौरान आरोपी के हाथ के अंगूठे और उंगली में भी कट के निशान मिले हैं।
मौत के बाद शव बक्से में छिपाया, 2:45 बजे तक चलता रहा खूनी खेल
हत्या के बाद आरोपी ने शव को घर में ही एक बक्से में बंद कर छिपा दिया।आरोपी के मुताबिक पूरी घटना में उसे करीब 2:45 बजे तक का समय लग गया।इसके बाद वह आधी-अधूरी सफाई करने लगा ताकि खून के निशान मिट जाएं। फिर जैसे ही उसे लगा कि पत्नी के घर आने का वक्त हो गया है, वह घर से भाग निकला।
खून साफ करने की कोशिश, फिर पार्क में बैठा… रातभर छिपता रहा
पुलिस पूछताछ में राजेश ने बताया कि भागने के बाद वह पास के एक पार्क में कुछ देर बैठा। वहीं उसे पता चला कि पुलिस घर पहुंच चुकी है।इसके बाद गिरफ्तारी के डर से वह रातभर इलाके में ही इधर-उधर छिपता रहा।
“मैं पत्नी की भी हत्या करना चाहता था…” आरोपी का बयान सुन कांपी पुलिस
पुलिस कस्टडी में आरोपी ने एक और खौफनाक खुलासा किया।उसने कहा कि—“मैं बेटे की हत्या नहीं करना चाहता था, यह सब अचानक हो गया, लेकिन इसी के साथ उसने यह भी कबूल किया कि—“मैं पत्नी की भी हत्या करना चाहता था, मगर सफल नहीं हो पाया।”आरोपी का यह बयान केस को और भी भयानक बना रहा है।
FSL जांच के लिए उठाए गए नमूने, कपड़ों पर भी मिला बच्चे का खून
पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं, जिनमें शामिल हैं—हत्या में प्रयुक्त हंसिया और चाकू, खून साफ करने में इस्तेमाल बोरा, शव रखने वाला बक्सा, फर्श और दीवारों से रक्त के नमूने, आरोपी के कपड़े (जिन पर बच्चे का खून), आरोपी के हाथ पर कट के निशानों के सैंपल व फोटो, इन सभी को जांच के लिए एफएसएल भेजा जाएगा।
अब भाई समेत 3 लोगों पर भी शक, पुलिस तलाश में जुटी
पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेश को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच यहीं नहीं रुकी।
अब पुलिस को आरोपी के भाई सौरभ समेत तीन अन्य लोगों की तलाश है—
सौरभ (फर्नीचर/प्लाईवुड दुकान चलाता है)
पारस (आरोपी के अनुसार MP पुलिस में)
विकास (उर्मिला के अनुसार UP पुलिस में, पुष्टि नहीं)
पुलिस इन सभी की इस हत्याकांड में भूमिका की भी जांच करेगी।
अंतिम संस्कार में पिता पक्ष का कोई नहीं आया… मासूम अकेला विदा हुआ
मयंक का अंतिम संस्कार उसके ननिहाल पक्ष और गांव वालों ने किया।सबसे दर्दनाक बात यह रही कि—पिता पक्ष से कोई भी परिजन अंतिम बार चेहरा देखने तक नहीं आया।
