प्रयागराज । अखिल भारतीय समता मंच के देशव्यापी आवाहन पर प्रयागराज में छात्रों ने यूजीसी रेगुलेशन को ‘रोहित एक्ट’ की तर्ज पर लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मार्च इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन से निकलकर लॉ फैकल्टी स्थित बाबा साहब अंबेडकर प्रतिमा तक गया, जहां सभा के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।
उत्पीड़न को रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने की मांग की
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालयों में बढ़ते जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न को रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने की मांग की। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि जाति आधारित उत्पीड़न रोकने के लिए लाए गए यूजीसी रेगुलेशन के पक्ष में सरकार मजबूत पैरवी नहीं कर सकी, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि जब तक रेगुलेशन को और प्रभावी बनाकर लागू नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
ठोस कानून लाने की बजाय सरकार उत्पीड़कों के पक्ष में खड़ी
बाप्सा नेता आलोक अंबेडकर ने आरोप लगाया कि दलित-पिछड़े और बहुजन समुदाय पर हो रहे हमलों के खिलाफ ठोस कानून लाने की बजाय सरकार उत्पीड़कों के पक्ष में खड़ी नजर आती है। समाजवादी छात्र सभा के नेता रोशन ने विश्वविद्यालयों में बढ़ते जातिगत उत्पीड़न पर चिंता जताई और ठोस उपायों की मांग की।
कई छात्रों ने इस संदर्भ में अपनी बात रखी
एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष पार्थ, इंक़लाब छात्र मोर्चा के डॉक्टर अनुपम, सद्दाम,समेत कई छात्रों ने इस संदर्भ में अपनी बात रखी। कार्यक्रम का समापन इंकलाबी छात्र नौजवान सभा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने अपना वक्तव्य देते हुए किया। इस मार्च में मानवेंद्र, संदीप , प्रदीप, ऋतुराज चौधरी, राकेश, प्रवीण,प्रतीक , राज कौशल, हिमांशु , ,साक्षी,आर्यन,अमित,लेनिन इत्यादि लोग शामिल रहें।
