एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और सप्लाई पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी सफलता हासिल की है। सीओ ऑपरेशन एएनटीएफ डॉ. बीनू सिंह के नेतृत्व में एएनटीएफ यूनिट लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज की संयुक्त टीमों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
टीम ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 करोड़ 1 लाख 62 हजार रुपये (अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य) की अवैध हेरोइन और चरस बरामद की है।एएनटीएफ अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम लगाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।
लखनऊ: 505 ग्राम हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार
एएनटीएफ यूनिट लखनऊ के प्रभारी दर्शन यादव के नेतृत्व में टीम ने थाना पीजीआई क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए तेलीबाग स्थित वृंदावन कॉलोनी के पास से वृंदावन कॉलोनी निवासी पवन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया।
एएनटीएफ के अनुसार, आरोपी के पास से—
505 ग्राम अवैध हेरोइन
एक मोबाइल फोन
3,155 रुपये नकद
बरामद किए गए हैं।
बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 1 लाख रुपये बताई जा रही है।
वाराणसी: 2.5 किलो चरस, स्कूटी और मोबाइल बरामद
इसी क्रम में एएनटीएफ यूनिट वाराणसी के प्रभारी की टीम ने थाना भेलूपुर क्षेत्र से मधुबनी (बिहार) निवासी विनोद कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया।
आरोपी के पास से—
2 किलो 500 ग्राम अवैध चरस
एक स्कूटी
एक मोबाइल फोन
1,040 रुपये नकद
बरामद किए गए।
एएनटीएफ के मुताबिक बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है।
प्रयागराज: 275 ग्राम हेरोइन और 2.47 लाख नकदी बरामद
एएनटीएफ यूनिट प्रयागराज के प्रभारी सत्येंद्र प्रधान के नेतृत्व में टीम ने थाना कर्नलगंज क्षेत्र के ढरहरिया के पास से थाना दारागंज क्षेत्र के झोपड़पट्टी निवासी धर्मेंद्र पटेल को गिरफ्तार किया।
आरोपी के पास से—
275 ग्राम अवैध हेरोइन
2,47,790 रुपये नकद
बरामद किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 55 लाख रुपये है।
नशे के नेटवर्क पर प्रहार, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
एएनटीएफ अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में संबंधित थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे, किन-किन लोगों तक सप्लाई किए जाने थे और इनके पीछे कौन-सा संगठित नेटवर्क सक्रिय है।एएनटीएफ ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में ड्रग्स तस्करी, सप्लाई और बिक्री में शामिल अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
