लखनऊ । रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में अनपरा तापीय परियोजना को उत्पादकता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला। केंद्रीय विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने यह सम्मान प्रदान किया। संघर्ष समिति ने इसे राज्य क्षेत्र की परियोजनाओं की दक्षता और प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
एनटीपीसी के साथ संयुक्त उपक्रम में देने का औचित्य नहीं
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि 2×800 मेगावाट क्षमता की अनपरा ‘ई’ और ओबरा ‘डी’ परियोजनाएं उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम को ही सौंपी जाएं। समिति का कहना है कि जब राज्य उत्पादन इकाई राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो रही है, तब इन परियोजनाओं को एनटीपीसी के साथ संयुक्त उपक्रम में देने का औचित्य नहीं है।
देरी से परियोजना लागत और बढ़ने की आशंका
संघर्ष समिति के अनुसार जॉइंट वेंचर मॉडल अपनाने पर अलग आवासीय परिसर, कोल हैंडलिंग और ऐश हैंडलिंग जैसी व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे बिजली की लागत लगभग 50–60 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ सकती है।समिति ने यह भी बताया कि 27 जुलाई 2023 को संयुक्त उपक्रम का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक ठोस प्रगति नहीं हुई है। देरी से परियोजना लागत और बढ़ने की आशंका है।
