नई दिल्ली।आज पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और राष्ट्रीय गौरव के साथ मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस परेड की सलामी लेंगी। इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी के रूप में यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
ट्रैफिक प्रबंधन और कई मार्गों पर प्रतिबंध लागू
गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम कर्तव्य पथ पर आयोजित किया जा रहा है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। समारोह स्थल पर सुरक्षा अधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों और आमंत्रित मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। परेड को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी में विशेष ट्रैफिक प्रबंधन और कई मार्गों पर प्रतिबंध लागू किए हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
30 झांकियों में दिखेगी भारत की विविधता
इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों के साथ-साथ 13 मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियां शामिल होंगी। ये झांकियां देश की राष्ट्र चेतना, सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को दर्शाएंगी।
झांकियों की प्रमुख थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। इन झांकियों के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष बने आकर्षण
गणतंत्र दिवस 2026 की थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखी गई है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह राष्ट्रगीत देश की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर परेड, झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।
‘संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक’ झांकी में दिखेगा सैन्य शौर्य
इस बार परेड की एक विशेष झांकी ‘संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक’ होगी, जो पूर्व सैनिकों और उनके योगदान को समर्पित है। इस झांकी में अमर जवान ज्योति के साथ-साथ ऐतिहासिक युद्ध उपकरणों के थ्री-डी मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे।झांकी में टी-55 और विजयंत टैंक, मिग-21, मिराज और जगुआर लड़ाकू विमान, आईएनएस मैसूर और आईएनएस राजपूत जैसे प्रतिष्ठित सैन्य संसाधनों को दर्शाया जाएगा।
देशभक्ति की भावना को और मजबूत करेगी
इस भव्य आयोजन के माध्यम से देश की सैन्य वीरता, स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक राष्ट्र निर्माण तक की यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। 77वें गणतंत्र दिवस की यह परेड देशवासियों में राष्ट्रीय एकता, गर्व और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करेगी।
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