काठमांडू। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नेपाली सेना ने देशभर में लगभग 80 हजार सैनिकों की तैनाती की योजना तैयार की है। यह तैनाती सेना की कुल जनशक्ति का करीब 95 प्रतिशत है, जो चुनाव की संवेदनशीलता और सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
सेना फिलहाल चुनाव-पूर्व तैयारियों में जुटी
नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के अनुसार, मतदान केंद्रों के निर्धारण के बाद सुरक्षा बलों की तैनाती को अंतिम रूप दिया गया है। सेना फिलहाल चुनाव-पूर्व तैयारियों में जुटी हुई है, जिसमें सैनिकों का विशेष प्रशिक्षण, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के साथ संयुक्त अभ्यास तथा जिला स्तर पर समन्वय शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव से लगभग एक महीने पहले सेना फील्ड में उतरकर अपने बेस स्थापित कर लेगी और वहीं से चुनाव-केंद्रित सुरक्षा अभियानों की शुरुआत होगी।
कारागारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी
चुनाव के दौरान नेपाली सेना को देश के सभी हवाई अड्डों और कारागारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इससे नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को मतदान केंद्रों, मतगणना स्थलों और अन्य चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रूप से लगाया जा सकेगा। इसके लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल और जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा किया जा रहा है।राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद सेना ने तीन महीने पहले ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं।
सैनिकों की तैनाती से चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा मजबूत होगा
एकीकृत सुरक्षा योजना के तहत इस बार भी नेपाली सेना तीसरी सुरक्षा घेराबंदी में रहकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेगी। जरूरत पड़ने पर जिलों के बीच सैनिकों की अदला-बदली की व्यवस्था भी तय की गई है, ताकि कहीं भी सुरक्षा में कमी न रहे।सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती से चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा मजबूत होगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।
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